जींद। एडिशनल सेशन जज जयबीर सिंह की अदालत ने सीमेंट कारोबारी की गोलियां मार कर हत्या करने तथा उसके भतीजे पर जानलेवा हमला करने के जुर्म में 11 लोगों को उम्रकैद तथा 75-75 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने की सूरत में दोषियों को दो साल की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार चौड़ी गली निवासी हन्नी ने 23 नवंबर 2021 को एफआईआर में बताया था कि उसका ताऊ श्याम सुंदर सुबह अपने आवास में बने कार्यालय में बाहर कुर्सी पर धूप सेंक रहा था। वह भी अपने ताऊ के साथ खड़ा था। उसी दौरान चौड़ी गली की तरफ से मास्क लगाए तीन युवक आए और असलहा से अंधाधुंध फायरिंग कर दी।
गोलियां लगने से उसका ताऊ श्याम सुंदर और वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना को अंजाम देकर बदमाश रोहतक रोड की तरफ फरार हो गए। परिजनों ने दोनों घायलों को गंभीर हालात में नागरिक अस्पताल लाया गया जहां चिकित्सकों ने श्याम सुंदर को मृत घोषित कर दिया। घायल हन्नी ने पुलिस को बताया था कि 17 अप्रैल 2016 को उसके पिता पुरूषोतम पर जानलेवा हमला किया गया था।
इसमें उसका ताऊ श्यामसुंदर मुख्य गवाह था। गवाही की तारीख 24 नवंबर लगी थी। उसके पिता पुरूषोत्तम पर जानलेवा हमला करने वाले लोगों ने ही उसके ताऊ श्याम सुंदर की योजनाबद्ध तरीके से सुपारी देकर हत्या करवाई है। इस पर शहर थाना पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया था।तभी से मामला अदालत में विचाराधीन था।
ये हैं आरोपी
सुभाष नगर निवासी धर्मेंद्र पहलवान, गांव पोंकरीखेड़ी निवासी बलजीत, रोशन, नरेश, गांव अमरगढ़ निवासी जगदीश, गांव खदराई निवासी कुलदीप, गांव सिसाय निवासी राजेश उर्फ लीला, सचिन उर्फ गांधी, प्रदीप गट्टा, पवन उर्फ जॉन, मुंढाल निवासी मनजीत।
अदालत के फैसले से संतुष्ट पीड़ित परिवार
पीड़ित परिवार के अधिवक्ता और श्याम सुंदर के भाई विनोद बंसल का कहना है कि यह सच्चाई की जीत हुई है। पांच साल के संघर्ष का आज उन्हें परिणाम मिला है। अदालत पर उन्हें पूरा विश्वास था। उनका परिवार अदालत के फैसले से पूरी तरह संतुष्ट है।