थुआ गांव में दूषित पानी की सप्लाई होने पर भड़के ग्रामीण
अमर उजाला ब्यूरो
अलेवा। थुआ गांव में पिछले लंबे समय से पीने के पानी की लाइन में जगह-जगह लीकेज के चलते गंदा पानी मिलने पर गांव के लोगों तथा महिलाओं ने वीरवार को सरकार के खिलाफ रोष प्रकट किया। ग्रामीणों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी समस्या का समाधान नहीं होता तो गांव के लोग लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे।
थुआ निवासी बिमला देवी, सुमित्रा, सुदेश, पिंकी, प्रोमिला, राजपाल, राजेश, सोमदत्त, विकास, राममेहर आदि ने बताया कि गांव में पीने के पानी की लाइन जगह-जगह से लीक है जिसकी वजह से गांव के लोगों को गंदा पानी पीने पर मजबूर होना पड़ रहा है। मामले को लेकर 18 मार्च को गांव में पहुंचे मुख्यमंत्री मनोहर लाल तथा केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह व उचाना की विधायक प्रेमलता को अवगत करवा चुके हैं, लेकिन स्वयं मुख्यमंत्री को अवगत करवाने के बावजूद भी विभाग लीकेज को ठीक नहीं किया, जिसके चलते गांव के लोगों में सरकार तथा विभाग के प्रति रोष है।
गंदे पानी से फैल रही बीमारी
गांव की महिलाओं ने बताया कि लीकेज के चलते जलघर से पीने के पानी के नाम पर विभाग द्वारा जहर परोसने का काम किया जा रहा है। उक्त पानी पीने से बच्चों से लेकर बड़ों तथा पशु तक बीमार हो रहे हैं, जिसके चलते समस्त थुआ गांव बार-बार महामारी की चपेट में आ रहा है।
राजनेता वोट के समय संभालते हैं गांव को
गांव के लोगों ने कहा कि राजनीतिक पार्टियों द्वारा केवल वोट के लिए गांव की सुध ली जाती है। समस्या को बार-बार सरकार के सामने उठाने पर भी ध्यान नहीं दिया जाता है। इसके चलते लोगों ने समस्या का समाधान होने तक सरकार को वोट नहीं देने का फैसला लिया है।
जल्दी ठीक होगा लीकेज : परमजीत
इस मामले को लेकर जनस्वास्थ्य विभाग के अधीक्षक अभियंता परमजीत सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है। कर्मचारियों द्वारा गांव में तीन जगह लीकेज को बंद कर दिया गया है। अगर कहीं और लीकेज है तो कर्मचारियों को भेजकर उसे भी ठीक करवा दिया जाएगा।