पुल का निर्माण रद्द करवाने की मांग को लेकर सड़क पर उतरे दुकानदार
नाम सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
उचाना। पालवां चौक पर बनने वाले मिट्टी के पुल को रद्द करवाने की मांग को लेकर ऑटो मार्केट के अलावा अन्य दुकानदारों ने उपमंडल कार्यालय के सामने रोड जाम कर दिया। रोड जाम की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी बलदेव राज मौके पर पहुंचे। करीब 15 मिनट तक दुकानदारों ने रोड को जाम रखा। दुकानदारों ने मिट्टीभर कर बनाए जाने वाले पुल को रद्द करने की मांग करते हुए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। दुकानदारों ने एसडीएम डॉ. शिल्पी पातड़ के नाम ज्ञापन दफ्तर कानूनगो सूरजमल को सौंपा।
दुकानदारों ने कहा कि सरकार और प्रशासन को चाहिए कि वह दुकानदारों के रोजगार को बचाने के लिए मिट्टी के पुल को रद्द करवाएं। यहां अगर मिट्टी के पुल का निर्माण होगा तो 400 से अधिक दुकानदारों का रोजगार प्रभावित होगा। पुराने बस स्टैंड पर बीते एक सप्ताह से दुकानदारों का अनिश्चितकालीन धरना भी चल रहा है।
पुल की नहीं जरूरत, बाईपास बनाया जाय
दुकानदारों ने कहा कि पुराने बस स्टैंड पर पुल की कोई जरूरत नहीं है। यहां पर पुल के बजाय बाईपास का निर्माण होना चाहिए। वर्षों से यहां पर दुकानदार दुकानें करके अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं। पुल बनने के बाद यहां पर दुकानदारों का रोजगार प्रभावित होगा। जब जुलाना, दनौदा, कलायत में बाईपास निकाल कर वहां दुकानों को बचाया जा सकता है तो उचाना में ऐसा क्यों नहीं किया जा रहा है?
परिवार के साथ देंगे धरना
दुकानदारों ने कहा कि वह किसी भी सूरत में अपना रोजगार नहीं जाने देंगे। दुकानों को बचाने के लिए वह संघर्ष करेंगे। उपमंडल कार्यालय में अपने परिवारों के साथ एक दिन का धरना भी देंगे। जरूरत पड़ी तो वह उपमंडल कार्यालय के पासरते हुए अनशन शुरू करेंगे। यहां पर हर रोज एक दुकानदार अनशन पर बैठेगा। जब तक सरकार पुल को रद्द करने की दुकानदारों की मांगों को नहीं मानती, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा। हर रोज एक परिवार पीएम के नाम पुल को रद्द करने की मांग को लेकर पत्र भी लिखेगा ताकि दुकानदारों का रोजगार बच सके।