रोडवेज बस चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर छात्राओं ने दी जीएम को शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। रविवार देर सायं एक रोडवेज बस चालक द्वारा सीआरएसयू की दो छात्राओं की मदद नहीं करने तथा उन्हें बस से नीचे उतारने का मामला सामने आया है। संबंधित बस चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर विश्वविद्यालय की छात्राओं ने रोडवेज जीएम को सोमवार को शिकायत दी है। जीएम को दी शिकायत में छात्राओं ने बस चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। छात्राओं ने इसके बाद परिवहन मंत्री कृष्ण पंवार को ट्वीट कर मामले की जानकारी दी। परिवहन मंत्री ने रोडवेज जीएम को मामले पर कड़ा संज्ञान लेने के निर्देश दिए हैं।
चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय की मॉस कॉम की छात्रा सरिता सिंह ने जीएम को सौंपी शिकायत में बताया कि रविवार को वह अपनी सहेली के साथ सोनीपत से अपनी बुआ के घर से जींद आ रही थी। जींद पहुंचते-पहुंचते उन्हें काफ ी देर हो गई और वह करीब साढ़े सात बजे जींद गोहाना बाईपास पर पहुंची। जब यहां से वह विश्वविद्यालय जाने के लिए रोडवेज की बस में चढ़े तो बस चालक ने विश्वविद्यालय के बस स्टाप पर बस रोकने से मना करते हुए उन्हें बस से नीचे उतार दिया। उन्होंने चालक से कहा कि वह दोनों छात्राएं अकेली हैं और अंधेरा भी काफ ी ज्यादा हो गया है। इसलिए वह उनकी मदद करते हुए उन्हें विश्वविद्यालय के बस स्टाप पर उतार दें। कई बार कहने के बाद भी बस चालक ने उनकी एक नहीं सुनी। अंधेरा ज्यादा होने के कारण वह दोनों बहुत डर गई। क्योंकि विश्वविद्यालय जाने के लिए कोई वाहन उन्हें नहीं मिल रहा था। इसके बाद उन्होंने ऑटो चालक से भी विश्वविद्यालय चलने के लिए कहा तो ऑटो चालक ने भी उनकी मजबूरी का फायदा उठाते हुए उनसे 500 रुपये मांगे। बाद में जैसे-तैसे कर वह विश्वविद्यालय तो पहुंच गए लेकिन उन्हें एक सरकार कर्मचारी व ऑटो चालक की इस हरकत से काफी मानसिक परेशानी हुई। दोनों छात्राओं ने कहा कि जब सरकारी कर्मचारी ही इस तरह अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाएंगे तो बेटियां कैसे सुरक्षित रहेंगी।
छात्राओं ने परिवहन मंत्री को ट्वीट कर दी जानकारी
छात्राओं ने परिवहन मंत्री को ट्वीट कर इस मामले की जानकारी दी। छात्राओं ने मंत्री से बेटियों के हित में कड़ा संज्ञान लेने की गुहार लगाई। परिवहन मंत्री ने रोडवेज जीएम को इस मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
उचित कार्रवाई की जाएगी
जीएम आरएस पूनिया ने कहा कि इस मामले की जांच करवाई जाएगी। छात्राओं को किसी भी सूरत में परेशान नहीं होने दिया जाएगा। विभागीय जांच के बाद यदि रोडवेज कर्मचारी इसमें दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।