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चार साल पहले सांड की चपेट में आकर घायल हुए डॉ. मिढ़ा, अंतिम सांस तक नहीं उबर पाए

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चार साल पहले सांड़ ने किया घायल, अंतिम सांस तक नहीं उबर पाए डॉ. मिढ़ा
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। इनेलो विधायक डॉ. हरिचंद मिढ़ा का रविवार को 76 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वे पिछले कुछ दिन से किडनी की बीमारी से ग्रस्त थे। 23 अगस्त को उन्हें इलाज के लिए दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। असल में विधायक डॉ. मिढ़ा चार साल पहले आपस में लड़ रहे सांड़ों की चपेट में आ गए थे। इसके बाद इस चोट से उबर नहीं पाए। चोट की वजह से उनका स्वास्थ्य लगातार गिरता जा रहा था। रविवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके अंतिम संस्कार में हजारों लोगों का सैलाब उमड़ा। डॉ. हरिचंद मिढ़ा के निधन का समाचार सुबह नौ बजे जींद पहुंचते ही उनके समर्थक और इनेलो कार्यकर्ताओं में शोक की लहर दौड़ गई। लोग उनके रुपया चौक स्थित आवास पर एकत्रित होने लगे। दोपहर बाद तीन बजे डॉ. हरिचंद मिढ़ा का शव जींद पहुंचा और शाम पांच बजे घर से उनकी शव यात्रा शुरू हुई। उनकी शवयात्रा में शहर के सभी राजनीतिक दलों के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं के पदाधिकारियों ने शिरकत की।
दो बार इनेलो के टिकट पर बने विधायक
डॉ. हरिचंद मिढ़ा जींद विधानसभा से दो बार इनेलो के टिकट पर विधायक बने। 2009 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने अपने पहले ही चुनाव में प्रदेश के ताकतवर नेता मांगेराम गुप्ता को हरा दिया था। दूसरी बार भाजपा के सुरेंद्र बरवाला को हराकर वे विधानसभा पहुंचे।
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राजनेता से ज्याद थी धार्मिक व्यक्ति की छवि
डॉ. हरिचंद मिढ़ा राजनेता से अधिक धार्मिक छवि के व्यक्ति थे। हमेशा धार्मिक कार्यक्रमों में जाना उनकी पहचान थी। लोगों से मिलकर भी वे राजनीति की नहीं धार्मिक बातें ही अधिक करते थे।
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जिस श्मशानघाट को बनाया स्वर्ग आश्रम
रविवार दोपहर बाद जिस श्मशानघाट ‘स्वर्ग आश्रम’ में डॉ. मिढ़ा का अंतिम संस्कार किया गया, वे उसके प्रधान भी रहे। प्रधान रहते हुए श्मशानघाट का जीर्णोद्धार किया और इसे शानदार लुक दिया।
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