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गांव सिंघाना में फैले डायरिया की स्थिति में धीरे-धीरे हो रहा सुधार

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अमर उजाला ब्यूरो
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जींद।
सफीदों के गांव सिंघाना में फैले डायरिया का प्रकोप धीरे-धीरे कम होता जा रहा है। रविवार को दो-तीन नए मरीज सामने आए, जिन्हें उलटी व दस्त की शिकायत मिली जबकि पहले से दाखिल 20 मरीजों को नागरिक अस्पताल से छुट्टी मिल गई। जनस्वास्थ्य विभाग लोगों को स्वच्छ पीने का पानी मुहैया करवा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार गांव में डेरा डाले हुए है। ग्रामीणों को पानी साफ करने के लिए क्लोरीन की टेबलेट लगातार वितरित की जा रही हैं। इसके साथ-साथ ओआरएस के पैकेट भी बांटे जा रहे हैं।
बताते चलें कि शुक्रवार को सिंघाना में डायरिया की पुष्टि हुई थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जब गांव का दौरा किया तो 46 लोगों में डायरिया की पुष्टि हुई थी जबकि 200 के आसपास लोग निजी अस्पतालों में उपचाराधीन थे, जिनकी स्वास्थ्य विभाग पुष्टि नहीं कर रहा। शनिवार को 131 नए मरीजों की स्वास्थ्य विभाग ने पुष्टि की। इनमें से 20 मरीजों को सफीदों के नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया। 34 मरीजों को ओपीडी के बाद घर भेज दिया गया। रविवार को दो-तीन नए मरीज सामने आए। इनका गांव में ही उपचार किया गया। जनस्वास्थ्य विभाग गांव में टैंकरों के माध्यम से पीने का स्वच्छ पानी मुहैया करवा रहा है। टैंकरों में भी दवाई डालकर पानी दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार गांव में लोगों की जांच कर रही है।
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एक-दो दिन में स्थिति सामान्य होगी : डॉ. आत्मप्रकाश
गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार काम कर रही है। पहले से दाखिल मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दी जा रही है। मरीजों को जिंक, मैट्रोजिल सहित आवश्यक दवाइयां व ओआरएस के पैकट दिए गए हैं। पानी साफ करने के लिए हेलोजन की गोलियां भी वितरित की गईं। एक-दो दिन में स्थिति सामान्य हो जाएगी।
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-डॉ. आत्मप्रकाश, प्रवर चिकित्सा अधिकारी, नागरिक अस्पताल सफीदों।
गंदा पानी सप्लाई कैसे हो गया, दोषियों के खिलाफ हो कार्रवाई : सैनी
सिंघाना में फैले डायरिया के मरीजों से मिलने हरियाणा बचाओ संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष ने नागरिक अस्पताल सफीदों का दौरा किया। सैनी ने कहा कि यह घटना संबंधित विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही के कारण हुई है। ग्रामीण कई बार लीकेज पानी की सप्लाई लाइन की शिकायत कर चुके थे लेकिन जनस्वास्थ्य विभाग ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया, जिस कारण लोग गंदा पानी पीने को मजबूर हुए और डायरिया की चपेट में आ गए। सैनी ने सरकार से मांग की कि जिस बच्ची की डायरिया के कारण मौत हुई है, उसके परिजनों को 5 लाख रुपये मुआवजा मिलना चाहिए। उन्होंने मांग की कि इस मामले की न्यायिक जांच करवाई जाए ताकि लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले व्यक्ति का चेहरा सामने आ सके व जो भी दोषी हो, उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। इस मौके पर जगदीश कश्यप, जावेद खान, नसीब खान, सचिन जैन, सुशील गुप्ता, शेरा शर्मा भी मौजूद रहे।
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