विधान सभा में आज, मिढ़ा पेयजल व्यवस्था और विधायक ढुल उठायेंगे किसानों का मुद्दा
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। सोमवार से प्रदेश विधानसभा का सत्र शुरू हो रहा है। इसके लिए जिले के विधायकों ने खास तैयारी की है। जहां एक ओर जींद का विकास नहीं होने पर विपक्षी विधायकों ने सरकार को घेरने की तैयारी की है तो, दूसरी ओर अपने-अपने क्षेत्र में विकास के लिए विधायक सरकार से प्रश्न भी पूछेंगे। इस दौरान पिछले दो सप्ताह से मुआवजे की मांग को लेकर बिश्नपुरा गांव के पास धरना दे रहे किसानों की मांग भी विधायक परमेंद्र सिंह ढुल उठाएंगे। वहीं जींद के विधायक डॉ. हरिचंद मिढ़ा शहर में पेयजल व्यवस्था पर सरकार पर निशाना साधेंगे।
जींद का प्रतिनिधित्व करते हुए विधायक डॉ. हरिचंद मिढ़ा सत्र के दौरान के जींद के विकास को लेकर अलग-अलग मुद्दों पर बहस की जाएगी। विधायक ने बताया कि सोमवार से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में उनके चार प्रश्रों पर बहस की जानी है। सबसे पहले तो जींद के लिए बेहद जरूरी मेडिकल कालेज निर्माण में हो रही देरी को लेकर बहस होगी। विस सत्र के दौरान मेडिकल कालेज निर्माण में देरी को लेकर उनसे जवाब तलबी की जाएगी। सरकार से यह पूछा जाएगा कि मेडिकल कालेज का निर्माण कब होगा और इसके निर्माण कार्य में देरी क्यों हो रही है। निर्माण कार्य के लिए बजट कब तक जारी किया जाएगा। इसके बाद गांव रूपगढ़ से बड़ौदी तथा गांव खूंगा से रायचंदवाला तक की सड़क को पक्का करने को लेकर सरकार से जवाब तलब किया जाएगा। विधायक मिढ़ा ने बताया कि जींद के लोगों को पेयजल की समस्या से गुजरना पड़ रहा है। अधिकारियों ने अपनी तानाशाही प्रवृत्ति दिखाते हुए जींद के लोगों के लिए लाइफ लाइन कही जाने वाली जींद-हांसी ब्रांच नहर की तलहटी को पक्का करवा दिया गया है। ऐसे में भूमिगत जलस्तर नीचे गिर रहा है और जींद के लोगों को पेयजल की समस्या से गुजरना पड़ रहा है। उनके द्वारा नहरी जल पर आधारित जींद शहर के लिए दो बड़े जलघरों कें निर्माण की मांग की गई थी। सरकार का इस मांग पर क्या रूख है। क्या जींद के लोगों को पेयजल की समस्या से निजात दिलाने के लिए सरकार ने कोई योजना बनाई है। विधायक मिढ़ा ने बताया कि विस सत्र के दौरान शहर में स्कीम नंबर पांच, छह, सात, आठ, नौ, अर्बन एस्टेट व डिफेंस कालोनी में टूटी हुई सड़कों के मुद्दों को भी उठाया जाएगा। यहां टूटी सड़कें होने से राहगीरों तथा वाहन चालकों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विधायक डा. हरिचंद मिढ़ा ने कहा कि जींद का प्रतिनिधित्व करने के नाते उनका प्रयास है कि जींद विकास के मामले में पिछड़ा नहीं रहे। जींद के लोगों की हर समस्या को लेकर उन्होंने विधानसभा में आवाज बुलंद की है और इन समस्याओं से लोगों को निजात दिलाने के लिए वो हमेशा प्रयासरत रहे हैं।
हलके की समस्याओं से जुड़े प्रश्न पूछेंगे जसबीर
सफीदों से विधायक जसबीर देशवाल ने बताया कि कल से प्रारंभ विधानसभा सत्र में हलके की समस्याओं को पुरजोर तरीके से पेश करेंगे। उन्होने बताया कि पानीपत-सफीदों-जींद रेलवे लाइन का विद्युतीकरण, पिल्लूखेड़ा ब्लॉक को तहसील का दर्जा, सफीदों हाट रोड पर यातायात दबाव को कम करने के लिए रेलवे फाटक पर ओवलब्रिज निर्माण, जींद - पानीपत फोर लेन सड़क निर्माण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शमिल हैं। उन्होंने बताया कि प्रतिवर्ष सफीदों स्थित पर्यटन स्थल नागक्षेत्र व अन्य तीर्थ को दर्शन करने लाखों श्रद्धालु आते हैं। इस कारण सफीदों में पर्यटकों के लिए सरकारी विश्राम गृह बनाने का भी मुद्दा उठाया जाएगा। लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए सफीदों शहर में एक सभागार निर्माण का भी प्रश्न सूची में शामिल किया है। शिक्षा क्षेत्र में पिल्लूखेड़ा ब्लॉक में राजकीय कन्या महाविद्यालय की स्वीकृति का सवाल भी प्रमुखता से शामिल किया है। इसके अतिरिक्त तारांकित प्रश्नों में पीने के पानी की समस्या, भारी बारिश से तबाह हुई फसलों का मुआवजा व मंडी में फसलों की जानकारी देने वाले मोबाइल एप ईनाम की जागरूकता बढ़ाने के लिए सरकार से प्रश्न पूछे हैं।
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सरकार से करेंगे रोजगार कार्यालयों का सवाल
जुलाना से विधायक परमेंद्र सिंह ढुल के अनुसार उनके तीन महत्वपूर्ण प्रश्नों को विधानसभा सत्र में जगह मिली है। वहीं ध्यानाकर्षण प्रस्ताव में भी कई प्रश्न उठाए जाएंगे। विधायक के अनुसार इस दौरान सबसे पहले पिछले दो सप्ताह से मुआवजे की मांग को लेकर धरना दे रहे किसानों की आवाज को उठाया जाएगा। गौरतलब है कि बिरौली, बिश्नपुरा, असरफगढ़ और रधाना के किसान कम मुआवजा देने का आरोप लगाते हुए धरना दे रहे हैं। इन किसानों ने बाईपास का काम भी रूकरवा दिया है। विधायक के अनुसार अस्थाई नौकरियों के चलते प्रदेश के रोजगार कार्यालय बेकार हो गए हैं। सरकार से पूछा जाएगा कि रोजगार कार्यालयों के लिए कत्या योजना है। कितने लोगों को रोजगार दिया गया है और भविष्य में इनके माध्यम से रोजगार देने के लिए क्या व्यवस्था की है। वहीं सरकार से लगातार भूजल घटने पर भी सवाल किया जाएगा। पूछा जाएगा कि जमीनी पानी का रिचार्ज करने की क्या योजना है। क्या कोई कानून बनाया जा रहा है। इसके अलावा जुलाना क्षेत्र में करीब 30 किलोमीटर लंबी सड़कों के निर्माण की मांग उठाई जाएगी।
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विधानसभा में नरवाना हलके की तीन दर्जन मांगें उठेंगी
नरवाना विधायक पिरथी सिंह नंबरदार ने भाजपा सरकार पर नरवाना हलके के साथ भेदभाव बरतने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वह पिछले तीन वर्षों में हलके की अनेक समस्याएं विधानसभा में उठा चुके हैं, लेकिन सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही। उन्होंने बताया कि नरवाना हलके के स्कूलों में मास्टर नहीं अस्पतालों में डाक्टर नहीं सरकार सो रही है। उन्होंने बताया कि हलके के सात स्कूलों में सरकार भवन जर्जर घोषित कर चुकी है। बच्चे सर्दियों में बिना छत के बैठने को मजबूर हैं, लेकिन सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही। हलके में चिकित्सा के मामले में अनेक कमियां है। कहीं बिल्डिंग नहीं, कहलीं डाक्टर नहीं, मरीज निजी चिकित्सकों से इलाज कराकर जेब हल्की करने को मजबूर हैं। सरकार प्रदेश में बीस किलो पर लड़कियों के लिए कालेज बनवाने का दम भर रही है लेकिन नरवाना में अनेक लड़कियां बिना सीटों के शिक्षा से वंचित हो रही है। केएम कालेज में अलग से महिला कालेज बनाने की मांग की जाएगी।
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नरवाना को जिला बनाने की मांग को लेकर बनाई रणनीति
नरवाना संघर्ष समिति की बैठक रविवार को पब्लिक धर्मशाला में हुई। जिसकी अध्यक्षता लाला मेघराज ने की। आज की बैठक में नरवाना को जिला बनाने की मांग के साथ-साथ पटियाला रोड पर बाईपास बनवानेे बनाने की बात भी कही। समिति के संयोजक डॉक्टर प्रीतम मेहरा ने कहा कि नरवाना को जिला बनाने की मांग काफी पुरानी है लेकिन यहां के लोगों ने संघर्ष नहीं किया जिसके चलते पूरी नहीं पाई जबकि दूसरे शहरों के लोग संघर्ष करके अपनी मांग पूरी करवा गये। उन्होंने कहा कि नरवाना को जिला बनाने की मांग अवश्य पूरी होगी। इसके लिए सभी लोगों को मिलकर काम करना होगा। इस अवसर पर ओमप्रकाश नैन, शीशपाल गुलाडी, लक्ष्मण देव आर्य, भारतभूषण गर्ग, सुशील जाजनवाला, अचल मित्तल, चांद लठवाल, मनु छाबड़ा, डॉक्टर भूपसिंह, रतन सिंह एडवोकेट, रणधीर सिंह, कमल गर्ग, सरदार हरचरण सिंह, मियां सिंह सिहाग, ईश्वर, सुरेश पप्पू, सुशील नैन, महासिंह श्योराण सहित कई लोगों ने नरवाना को जिला बनवाने की आवाज बुलंद की। सभी को विभिन्न कार्य करने की जिम्मेवारी सौंपी।