हरियाणा के जींद जिले के गांव किनाना की राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला पर 12 दिन से जड़े ताले को खुलवाने में जींद प्रशासन पूरी तरह से फेल रहा है।
ग्रामीणों की मांग के आगे जिला प्रशासन ने घुटने टेक दिए हैं। इस वजह से स्कूल में पढ़ने वाली 170 छात्राओं की पढ़ाई चौपट हो चुकी है।
अब विवाद सुलझवाने की बजाय डीसी द्वारा आंदोलनकारियों से सख्ती से निपटने की बात कही जा रही है।
26 अगस्त से किनाना के ग्रामीण कन्या पाठशाला के रास्ते से अवैध कब्जे खाली करवाने की मांग को लेकर पाठशाला पर ताला लगाकर उसके बाहर धरने पर बैठे हुए हैं।
ग्रामीण मांग पर अड़े हुए हैं कि पहले कब्जे खाली करवाए जाएं तब ही पाठशाला का ताला खोला जाएगा। वीरवार को भी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी गांव किनाना में ग्रामीणों को समझाने के लिए गए, लेकिन ग्रामीण नहीं माने।
अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि कब्जाधारियों पर कार्रवाई की जा रही है। आठ सितंबर को गांव में सांसद दीपेंद्र हुड्डा का दौरा है।
दौरे में अब एक दिन ही शेष बचा है। अवैध कब्जों का मामला सांसद तक न पहुंचे, इसी कवायद में प्रशासन लगा हुआ है।
12वें दिन भी ग्रामीणों ने धरना जारी रखा
गांव किनाना में राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला के रास्ते खुलवाने के लिए ग्रामीणों का धरना शुक्रवार को 12वें दिन भी जारी रहा।
ग्रामीणों के मुताबिक धरने का उद्देश्य छात्राओं को साफ और व्यवस्थित मार्ग दिलवाना है। ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन कोई सुनवाई नहीं कर रहा है, बल्कि अनर्गल प्रचार करके लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा कर रहा है।
धरने पर कर्ण सिंह, आजाद, दरिया सैनी, जयपाल राणा, रामफल सैनी और राजेंद्र सहित अनेक ग्रामीण धरने पर बैठे रहे।
ग्रामीण अगर इसी तरह से अपनी गलत मांग पर अड़े रहे तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी। प्रशासन सख्त कार्रवाई करने में कतई गुरेज नहीं करेगा। पिछले तीन दिन से अधिकारी हर रोज गांव जाकर लोगों को समझाने बुझाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन ग्रामीण जिद पर अड़े हैं।
- राजीव रतन, डीसी, जींद