साल्हावास। ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाताओं का उत्साह देखने लायक था। सुबह ही मतदान केंद्र के लोग पहुंचने शुरू हो गए थे। दोपहर बाद मतदान ने रफ्तार पकड़ी, जो शाम छह बजे तक चलती रही।
कई परिवार में तो तीन पीढ़ी के सदस्य एक साथ वोट डालने पहुंचे। गांव बिरोहड में पूर्व सरपंच निंबो देवी अपने बेटे जोगेंद्र, बहु सुनीता, पोते रवींद्र सहरावत, पोते की बहु सरपंच सोनिया व पड़पोते जयसिंह सहरावत के साथ राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बिरोहड के बूथ नंबर 6 पर मतदान करने पहुंची।
सुंदरेहटी में 80 वर्षीय रामप्यारी ने पुत्रवधू सरोज व पौत्री बिना के साथ मतदान किया। खोरडा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के बूथ नंबर पर 127 पर हजारी ने अपनी पत्नी नफिया, पुत्र सहजराम, पुत्रवधू बिमला, पुत्रवधू रीना, पोते रवींद्र चाहर सहित तीन पीढ़ियों ने एक साथ वोट डाला। उज्जैन शहर के सेंट्रल जीएसटी के अधीक्षक सुमित कुमार अपनी पत्नी के साथ राजकीय माध्यमिक विद्यालय खानपुर कलां में मतदान किया।
वहीं साल्हावास क्षेत्र के गांव खानपुर खुर्द में परमिंदर पुत्र रामकिशन अपने पिता के साथ मतदान केंद्र पहुंचे। वह चलने-फिरने में असमर्थ हैं, लेकिन मतदान का जज्बा ऐसा है कि हर बार वोट डालना नहीं भूलते। वहीं खोरडा गांव के मंजीत सिंह भी दिव्यांग हैं। वह पोलियो से ग्रस्त रहे हैं। बैसाखियों से केंद्र पहुंचे और मतदान किया।
डेफ ओलंपिक पदक विजेता वीरेंद्र उर्फ गूंगा पहलवान ने डाला वोट
डेफ ओलंपिक में तीन बार स्वर्ण पदक विजेता और दो कांस्य पदक विजेता वीरेंद्र सिंह उर्फ गूंगा पहलवान पैतृक गांव सासरौली पहुंचे। उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सासरौली में अपनी मां माना देवी, पत्नी अंजलि सिंह के साथ मतदान किया।