झज्जर। सिविल अस्पताल में बारिश के चलते एक्स-रे मशीन में आया तकनीकी फाल्ट दूसरे दिन भी ठीक नहीं हो सका। मशीन ठीक करने के लिए इंजीनियर सिविल अस्पताल नहीं पहुंचा है। ऐसे में सोमवार तक एक्स-रे नहीं हो पाएंगे और मरीजों की समस्या बढ़ेगी। अब मरीज बाहर निजी केंद्रों से जांच करवाने को मजबूर हैं।
शुक्रवार सुबह बारिश आने के कारण छत का पानी सप्लाई से होता हुआ मशीन में चला गया और मशीन में तकनीकी फाल्ट आ गया। इसके बाद मशीन ने काम करना बंद कर दिया। शनिवार को मशीन ठीक करने के लिए इंजीनियर को आना था, लेकिन नहीं आया। अब सोमवार को इंजीनियर के आने की उम्मीद है, लेकिन तब तक एक्स-रे नहीं हो पाएंगे। सिविल अस्पताल में प्रतिदिन 80 से 100 एक्सरे होते हैं, लेकिन अब मरीजों को बाहर जांच करवानी पड़ रही है। इसके लिए उन्हें 400 से 500 रुपये की राशि खर्च करनी पड़ रही है।
सोनोलाॅजिस्ट छुट्टी से लौटे, सिविल अस्पताल में शुरू हुए अल्ट्रासाउंड
सिविल अस्पताल में लगभग एक माह बाद फिर से अल्ट्रासाउंड शुरू हो गए। सिविल अस्पताल के सोनोलॉजिस्ट लगभग एक माह की छुट्टी पर गए हुए थे। अब उन्होंने सिविल अस्पताल में दोबारा ज्वाइन कर लिया है। इससे मरीजों को राहत मिली है। सिविल अस्पताल में प्रतिदिन 70 से 80 गर्भवती महिलाओं व अन्य मरीजों के अल्ट्रासाउंड किए जाते हैं। अप्रैल में सोनाेलॉजिस्ट एक माह की छुट्टी पर चले गए थे। इसके चलते अल्ट्रासाउंड के लिए आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। सिविल अस्पताल प्रशासन ने गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड के लिए निजी अस्पताल के साथ करार किया हुआ था। ऐसे में गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड निजी अस्पताल में करवाए जा रहे थे, लेकिन अन्य मरीजों के अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहे थे। ऐसे में मरीजों को 800 से एक हजार रुपये की राशि निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर खर्च करनी पड़ रही थी। अब सिविल अस्पताल में सोनोलॉजिस्ट के दोबारा ज्वाइन करने पर मरीजों ने राहत की सांस ली है।
डिजिटल एक्स-रे मशीन में तकनीकी दिक्कत आई है। उसके लिए इंजीनियर को बुलाया गया है। मशीन ठीक होने के बाद ही एक्स-रे हो सकेंगे।
- डॉ. अजय सिंगला, एसएमओ, सिविल अस्पताल, झज्जर