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एक्स-रे मशीन खराब, पटरी से उतरी स्वास्थ्य सेवा

Thu, 21 Jan 2016 01:28 AM IST
ब्ययूराो/अमर उजाला / झज्जजर
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 अब एक्स-रे मशीन के खराब होने से सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं बुधवार को एक बार फिर पटरी से उतर गयी। मशीन में खराबी क्या है, इसका पता अभी नहीं चल पाया।
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फिलहाल एक्स-रे न होने से मरीज परेशान हैं। दूर-दराज से आए कई लोगों ने मशीन के ठीक होने का इंतजार करने की बजाए बाजार में महंगी फीस देकर एक्स-रे करवाए। मशीन कब तक ठीक होगी, इसके बारे में स्वास्थ्य अधिकारी ठीक से नहीं बता पा रहे। बस इतना कह रहे हैं कि मशीन में खराबी को ढूढा जा रहा है।


सिविल अस्पताल झज्जर में गाहे-बगाहे स्वास्थ्य सेवाएं पटरी से उतरती रहती हैं और इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ता है। कुछ दिन पहले तक अस्पताल की अल्ट्रासाउंड मशीन खराब थी। इसके लिए कलकत्ता से पुर्जा मंगवाना पड़ा, उस समय इसको ठीक होने में महीना लग गया।
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अलट्रासाउंड मशीन के ठीक होने के सप्ताहभर बाद ही एक्स-रे मशीन जवाब दे गई है। बुधवार को सिविल अस्पताल में मरीजों की भीड़ लगी थी। 70 मरीजों के एक्स-रे होने थे, लेकिन मरीज एक्स-रे रूम के बाहर बैठे अंदर से बुलावे का इंतजार करते रहे। काफी समय लगा तो मरीज एक्स-रे रूम में गए, लेकिन वहां कर्मी की कुर्सी खाली थी। पता करने पर स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि एक्स-रे मशीन खराब है, एक्स-रे नहीं होंगे। दूर दराज के मरीज इसके बाद अन्य निजी एक्स-रे सेंटरों में गए और वहां से एक्स-रे कराकर लौटे। इसमें मरीजों की जेब पर 100 से 150 रुपये का अधिक भार पड़ा।


हर रोज 900 ओपीडी, 150 से अधिक एक्स-रे
सिविल अस्पताल में हर रोज 900 से 1000 के बीच मरीज विभिन्न बीमारियों के इलाज के आते हैं। इनमें से डॉक्टर औसतन 150 मरीजों का एक्स-रे लिखते हैं। सिविल अस्पताल में एक्स-रे की दो मशीन हैं। एक अन्य मशीन कार्य तो करती है, लेकिन वह आउट डेटिड हो गई। इससे एक्स-रे करने में समय लगता है। वहीं दूसरी ओर इसकी प्रक्रिया लंबी जटिल है। यही कारण रहा कि बुधवार को मशीन खराब होने के बावजूद इसका उपयोग नहीं किया गया। स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि हर तीसरे महीने एक्स-रे मशीन खराब हो जाती है। कई-कई दिन इसे ठीक कराने में लगते हैं। तब तक मरीजों को परेशानी होती है।


बार-बार मशीन खराब, उठे सवाल
सिविल अस्पताल में कभी अल्ट्रासाउंड मशीन तो कभी एक्स-रे मशीन खराब होने पर विभाग के ही कुछ कर्मचारी सवाल उठा रहे हैं।  पिछले दिनों अल्ट्रासाउंड मशीन के खराब होने पर स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल के बाहर स्थित एक निजी अस्पताल से प्रति मरीज 250 रुपये अल्ट्रासाउंड रेट तय किया था। मरीजों को इसके बाद वहीं भेजा जाता। सिविल अस्पताल में जहां मरीजों का अल्ट्रासाउंड बिल्कुल मुफ्त होता, वहीं प्राइवेट अल्ट्रासाउंड केंद्र पर उनसे 250 रुपये लिए गए। कहा गया कि इसमें कुछ स्वास्थ्य कर्मियों का कमीशन भी तय था। वहीं, अब एक्स-रे मशीन खराब हो गई।


सिविल अस्पताल में डेढ़ सौ एक्स-रे होते हैं, लेकिन इससे उपचार प्रभावित नहीं होता है। मरीजों का उपचार जारी रहा है। एक्स-रे तो स्पॉट के लिए होता है। मशीन में तकनीकी खराबी आई। इसे ठीक करने के प्रयास हो रहे हैं। फाल्ट का पता नहीं चल रहा है। प्रयास यहीं होगा कि इससे शुक्रवार तक ठीक करा लिया जाए।
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 -डॉ. एनके गर्ग, एसएमओ सिविल अस्पताल झज्जर।
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