अमन सहरावत 57 किलोग्राम वर्ग के खिलाड़ी हैं। इसी भार वर्ग के पहलवानों के साथ मुकाबला करते हैं। इस बार उन्होंने वजन घटाने से बचने के उद्देश्य से पुरुषों की फ्री स्टाइल 61 किलोग्राम वर्ग में उतरने का फैसला किया।
क्वार्टरफाइनल में उनकी दाहिनी आंख पर चोट लगने के बावजूद उनका प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा। फाइनल मुकाबले में उन्होंने निखिल को एकतरफा अंदाज में 10-0 से हराकर खिताब अपने नाम किया।
अमन सहरावत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अपनी पांच तस्वीरें शेयर करते हुए अपनी भावनाएं भी साझा की हैं। अमन सहरावत का कहना है कि जब हालात मेरे खिलाफ थे तब भी कुछ लोगों का भरोसा मेरे साथ रहा और आज यह उपलब्धि उसी भरोसे का परिणाम है। अब मेरा पूरा ध्यान इस बात पर है कि 2026 इस वर्ष से कहीं बेहतर हो।
ओवरवेट पाए जाने पर अमन हुए थे अयोग्य घोषित
अमन की यह जीत इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि क्रोएशिया में हुई विश्व कुश्ती चैंपियनशिप 2025 के दौरान ओवर वेट पाए जाने पर अमन सहरावत को अयोग्य घोषित कर दिया गया था। इसके बाद भारतीय कुश्ती महासंघ ने उन पर एक साल का निलंबन लगाया जिसे बाद में उनके पक्ष को सुनने के बाद हटा लिया गया।
निलंबन हटने के बाद उन्हें नेशनल चैंपियनशिप में खेलने की अनुमति मिली और अमन ने इस मौके को स्वर्णिम बना दिया।
ओलंपिक में कांस्य जीतने के बाद पहली बड़ी राष्ट्रीय कुश्ती खेली
अहमदाबाद में आयोजित यह प्रतियोगिता पेरिस ओलिंपिक 2024 के बाद पहली बड़ी राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता रही। सीनियर नेशनल कुश्ती प्रतियोगिता में अमन सहरावत की स्वर्णिम वापसी न केवल उनके कॅरिअर का अहम मोड़ है बल्कि देश के युवा पहलवानों के लिए संदेश है।