हरियाणा के बहादुरगढ़ में औद्योगिक इकाईयों में श्रमिक सुरक्षा के पर्याप्त संसाधन न होने की शिकायतें आती रहती हैं। बुधवार को गांव रोहद औद्योगिक क्षेत्र स्थित फैक्टरी ऐरोफ्लेक्स लिमिटेड में भी यही हुआ। टैंक साफ करने के लिए एक श्रमिक को सेफ्टी किट के बिना ही मौत के कुएं में उतार दिया गया। उसके बेहोश होने के बावजूद एक के बाद पांच कामगारों को बिना सेफ्टी किट टैंक में उतार दिया गया।
एक कामगार के उसमें बेहोश होने के बाद एक के बाद एक लगातार पांच अन्य कामगारों को भी सेफ्टी किट के बिना ही उतारा गया। इतना ही नहीं, जिन कामगारों की जिम्मेदारी ये टैंक साफ करने की नहीं थी, उन्हें इस अलग तरह के काम में लगाया गया।
रोहद के पास 44 फुटा रोड स्थित इस फैक्टरी में हुए इस हादसे में उत्तर प्रदेश मूल के चार कामगारों की मौत हो गई और दो की हालत गंभीर हो गई। घटना से पूरे रोहद औद्योगिक क्षेत्र में मातम छा गया। घटना में मृतक श्रमिक अजय के साथी हरीकृष्ण ने बताया कि फैक्टरी से निकलने वाले केमिकल युक्त अवजल के इस टैंक की कम से कम चार साल से सफाई नहीं हुई थी।
ऊपर से सभी छह कामगारों को सेफ्टी किट के बिना ही इस मौत के कुएं में उतार दिया गया। श्रमिक नेता सतीश कुमार ने घटना पर जताते हुए कहा क्रि इस पूरी घटना की जांच करवाकर फैक्टरी प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि फैक्टरी मालिक बचाव कार्यों में लगने के बजाय वहां से इधर उधर हो गए।
अस्पताल की ओर दौड़ गए श्रमिक
हादसे में चार लोगों की मौत से संबंधित परिवारों पर तो दुखों का पहाड़ टूटा ही है, इस फैक्टरी में काम करने वाले तमाम श्रमिकों को भी भारी दुख हुआ। तमाम श्रमिक जीवन ज्योति अस्पताल की ओर दौड़ पड़े। हादसे में प्रभावित हुए सभी श्रमिकों को यहां भर्ती करवाया गया था। जहां मयंक व विकास की हालत चिंताजनक बताई गई है। चारों मृतकों के शवों को स्थनीय नागरिक अस्पताल के शव गृह में रखा गया है। पोस्टमार्टम वीरवार को होगा।
परिवार में मातम का माहौल
घटना में मृतक श्रमिकों में शाहजहांपुर के मदारीपुर का अजय बहादुरगढ़ के अशोक नगर में रहता था। यहां दो साल से काम कर रहा था। वह एक बेटे और एक बेटी का पिता था। पत्नी गर्भवती है। जिला बाराबंकी के गांव रोटी बुढ़ेरा का प्रकाश (40) यहां एक साल से कार्यरत था। वह तीन बच्चों का पिता था। राजबीर यहां दो साल से काम करता था। उसके भतीजे सोहनलाल ने बताया कि उसके चाचा और पिता सात भाई थे।
जून में हुए हादसे के बाद भी नहीं लिया सबक
बहादुरगढ़। शहर के आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र में गत जून महीने में सीवेज टैंकर को सीवर के मेन होल में खाली करते वक्त दो श्रमिकों की मौत हो गई थी। वे भी सीवर की जहरीली गैस चढने से दोनों की मौत हो गई। इस घटना में बिहार के नालंदा के रवीश पुत्र चंद्रशेखर और मुंगेर जिले के अरङ्क्षवद की जान चली गई थी। दोनों दिल्ली की बाबा हरिदास कॉलोनी में रहते थे। सेफ्टी टैंक को खाली करने का कार्य करते थे। अरविंद ट्रैक्टर चालक था और रवीश हेल्पर का काम करता था। उनके टैंकर का एक पाइप सीवर केमेन होल में गिर गया था। जिसे निकालने के लिए रवीश सीवर में उतरा को जहरीली गैस चढने से अंदर ही गिर गया। रवीश को बचाने के प्रयास में अरविंद भी मेनहोल में गिर गया था।
ऐरोफ्लेक्स फैक्टरी में हुए हादसे के मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी में एचएसआईआईडीसी, औद्योगिक सुरक्षा विभाग और उद्योग विभाग के अधिकारी शामिल रहेंगे। जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ कानूनन कार्रवाई की जाएगी।
-कैप्टन शक्ति सिंह, उपायुक्त