जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले का बदला भारत ने ऑपरेशन सिंदूर से लिया है। ऑपरेशन सिंदूर से भारत ने पाकिस्तान में घूसकर कई आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया था। इससे दुश्मन देश बौखलाया हुआ है। पाकिस्तान अब भारत पर मिसाइल्स व ड्रोन हमले कर रहा है, लेकिन भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दे रहा है।
दोनों देशों के बीच युद्ध से हालात बने हुए हैं। देश के लोग पाकिस्तान को उसकी इस हिमाकत का करारा जवाब देने के लिए भारतीय सेना को पराक्रम की हौसला अफजाई कर रहे हैं। ऐसे में पूरा देश सेना और सरकार के साथ खड़ा हो गया है। देश का बच्चा, बूढ़ा और महिलाएं भी पाकिस्तान के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए सरकार को हरसंभव सहायता के लिए आगे आ रही हैं।
ऐसे हालात में भारतीय सेना का मनोबल बढ़ाने के लिए हरियाणा के बहादुरगढ़ के गांव परनाला हसनपुर की महिला सरपंच मुकेश अशोक राठी ने जो साहस दिखाया है, उसके लिए हर कोई उनकी तारीफ कर रहा है। महिला सरपंच मुकेश देवी ने अपना पांच साल का मानदेय केंद्र सरकार के सहायता कोष में देने का फैसला लिया है। उनके इस फैसला का पूरा गांव ही नहीं बल्कि पूरा प्रदेश स्वागत कर रहा है। महिला सरपंच मुकेश देवी दूसरों के लिए प्रेरणा स्रोत बन गई हैं।
भारत माता की जय से गूंजा गांव
महिला सरपंच मुकेश अशोक राठी के इस फैसले को लेकर गांव में बैठक भी की गई। बैठक में बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष मौजूद रहे। सभी ने बैठक में भारत माता की जय के नारे भी लगाए। गांव में पंच और महिलाओं के साथ बैठक कर सरपंच मुकेश देवी और उनके पति सरपंच एसोसिएशन के प्रधान अशोक राठी ने यह फैसला लिया है।
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए दान किए तीन लाख
सरपंच मुकेश और एसोसिएशन के प्रधान अशोक राठी ने बताया कि हरियाणा सरकार की तरफ से हर महीने सरपंच को 5 हजार मानदेय मिलता है जो पांच साल में तीन लाख रुपये होता है। अब उन्होंने इस मानदेय को 3 लाख रुपये ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए दिया है। उन्होंने कहा कि आतंक का पूरी तरह सफाया होना मानवता के लिए जरूरी है।