बहादुरगढ़। एक देश, एक टैक्स है तो एक टैक्स स्लैब भी होना चाहिए। आयकर छूट की सीमा बढ़नी चाहिए। पेट्रोल-डीजल जीएसटी में शामिल हों। व्यापारियों के परिवारों को चिकित्सा, पेंशन व अन्य सामाजिक सुरक्षा की घोषणा होनी चाहिए। महिलाओं ने कहा कि बजट में महंगाई पर काबू पाने की कवायद भी होनी चाहिए।
बहादुरगढ़ के उद्योगपतियों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल जीएसटी से बाहर हैं, इसलिए महंगे हैं। जीएसटी में शामिल होने से एक तरफ ट्रांसपोर्टेशन सस्ता होगा। दूसरी तरफ, आम जनता को भी डीजल-पेट्रोल कम कीमत पर मिलेंगे। व्यापारियों के लिए माल ढुलाई भी सस्ती होगी। व्यापारी आयकर व जीएसटी टैक्स देते हैं।
जीएसटी में आए पेट्रोल-डीजल
पेट्रोल व डीजल पर 40 प्रतिशत टैक्स वसूला जा रहा है। इनको जीएसटी में शामिल करने से टैक्स में कमी अएगी। जनता को राहत मिलेगी। व्यापारियों के लिए बजट में स्कीम घोषित की जाएं। आयकर छूट की सीमा बढ़ाई जाए। व्यापार में वृद्धि होगी।
-हरिशंकर बहेती, उद्योगपति
लघु उद्योगों के लिए बढ़ाई जाए सब्सिडी
इस बार उम्मीद है कि बजट में जीएसटी का एक स्लैब होगा। एमएसएमई के अंतर्गत लोन पर मिलने वाली सब्सिडी को बढ़ाया जाए। बैंक से आसानी से उद्यमी और व्यापारियों को लोन प्राप्त हो।
-विपिनि अग्रवाल, व्यापारी
होम लोन पर ब्याज दर घटे
सपनों का घर खरीदने के लिए लोग कर्ज लेते हैं। आमदनी बढ़ती नहीं है और महंगाई बेकाबू होती जा रही है। ऐसे में ब्याज दरों को कम करना चाहिए। टैक्स में महिलाओं को और छूट दी जानी चाहिए ताकि वे अपने रोजगार को बढ़ा सकें। इससे खुद का रोजगार करने के लिए महिलाएं अधिक संख्या में आगे आ सकेंगी।
-सविता
महंगाई ने बिगाड़ा घर का बजट
एक साल से लगातार बढ़ रही महंगाई ने घर का बजट बिगाड़ रखा है। राशन का खर्च 10 हजार से बढ़कर 15 हजार हो गया है। महंगाई पर लगाम लगनी बेहद जरूरी है। वित्त मंत्री को इस बजट में महंगाई पर खास ध्यान रखना चाहिए।
-अंगूरी देवी