झज्जर। छुछकवास बाईपास निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक जमीन अधिग्रहण का काम भी पूरा नहीं हुआ है। पिछले दो साल से 80 प्रतिशत जमीन अधिग्रहण किए जाने की बात विभाग कर रहा है, लेकिन उससे आगे कोई कदम नहीं बढ़ रहा है। ऐसे में क्षेत्र के लोगों को जाम की समस्या से प्रतिदिन जूझना पड़ता है।
कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2013 में छुछकवास बाईपास को मंजूरी दी गई थी। इसके बाद 2019 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने भी इस बाईपास को बनाने की घोषणा की थी। घोषणा के बावजूद बाईपास का निर्माण कार्य आज तक शुरू नहीं हो सका है।
छुछकवास बाईपास के लिए कुल 26 एकड़ जमीन अधिगृहीत की जानी है। इसमें से 21 एकड़ जमीन की खरीद और रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है जबकि कुछ किसानों की जमीन की रजिस्ट्री अभी लंबित है। यह मसौदा चंडीगढ़ भेजा हुआ है। बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस जमीन अधिग्रहण का काम पूरा होने की भी उम्मीद है, लेकिन तब तक इंतजार ही करना होगा।
साढ़े तीन किलोमीटर लंबा होगा बाईपास
यह बाईपास लगभग साढ़े तीन किलोमीटर लंबा होगा, जो कस्बे के बाहरी हिस्से से निकलेगा। यह रास्ता भारी वाहनों के लिए डायवर्जन रोड के रूप में काम करेगा। इससे कस्बे के मुख्य चौक पर लगने वाला जाम कम हो सकेगा।
जाम सबसे बड़ी समस्या
छुछकवास चौक से रोजाना हजारों की संख्या में ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉली गुजरती हैं। इस कारण पूरा दिन लगा रहता है। दादरी की तरफ से प्रतिदिन 700 से 800 लोडिड ट्राॅला यहां से गुजरते हैं। भारी वाहनों के कारण छुछकवास चौक पर पूरा दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। उसे खोलने के प्रतिदिन दो पुलिस कर्मचारियों की ड्यूटी भी रहती है।
छुछकवास बाईपास को लेकर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। इसकी फाइल मुख्यालय को भेजी जा चुकी है। उम्मीद है कि जल्द ही अधिग्रहण का काम पूरा हो जाएगा।
- सुमित कोहाड़, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर