बहादुरगढ़। किसानों के दिल्ली कूच के बाद से दिल्ली पुलिस अलर्ट पर है। आमजन का कहना है कि अभी किसान टीकरी बॉर्डर से 150 किलोमीटर दूर हैं, लेकिन बहादुरगढ़ की सीमाएं पूरी तरह सील कर दी गई। इसके कारण लोगों को दिल्ली आवागमन करने में बाधा उत्पन्न हो रही है। सड़क मार्ग से आवागमन ठप है। अब लोग मेट्रो और भारतीय रेल का सहारा ले रहे हैं। इनमें भी भीड़ बढ़ रही है।
मंगलवार की दोपहर 2 बजे झज्जर पुलिस ने सेक्टर-9 मोड़ से दिल्ली की तरफ जाने वाले रास्ते को पूरी तरह बैरिकेडिंग करके बंद कर दिया था। हरियाणा-पंजाब सीमा में शंभू बॉर्डर पर किसानों और पुलिस के बीच हुई भिड़ंत के बाद दिल्ली पुलिस ने भी टीकरी बॉर्डर को सील करने का काम किया। इसके बाद से लोगों को परेशानी होने लगी। बहादुरगढ़ शहर से प्रतिदिन कई हजार लोग दिल्ली में अलग-अलग स्थानों पर काम धंधे के लिए जाते हैं। वहीं दिल्ली के पीरागढ़ी, नांगलोई, मुंडका, घेवरा के अलावा नजफगढ़ क्षेत्र से भी भारी संख्या में श्रमिक बहादुरगढ़ में स्थित फैक्ट्रियों में काम करने के लिए पहुंचते हैं। बॉर्डर सील होने के बाद श्रमिकों और शहरवासियों की समस्या काफी हद तक बढ़ गई है। लोग लगातार सरकार को कोस रहे हैं। लोगों का कहना है कि या तो सरकार किसानों की मांगों को पूरा करे या फिर उन्हें दिल्ली में जाने की इजाजत दें। बॉर्डर पर उन्हें न बैठने दिया जाए। इससे बहादुरगढ़ शहर बिल्कुल जाम हो जाएगा और लोगों के काम धंधे भी प्रभावित होंगे। शहरवासियों ने कहा कि सड़क मार्ग से दिल्ली किसी सूरत में नहीं जाया जा सकता। दिल्ली जाने के लिए लोगों को या तो मेट्रो का सहारा लेना पड़ेगा या फिर रेल का। लोगों को टीकरी बॉर्डर से बहादुरगढ़ की तरफ पैदल ही सफर तय करना पड़ रहा है।
लोग बोले
अग्रवाल कॉलोनी निवासी कृष्ण गर्ग, लालचंद कॉलोनी निवासी देवेंद्र कुमार, सतीश शर्मा ने कहा कि वे प्रतिदिन दिल्ली सदर बाजार, आरके पुरम में अपनी दुकानों पर जाते थे, लेकिन अब सड़क मार्ग ठप होने के बाद समस्या बढ़ गई है। ट्रेनों में जाने से देरी से कार्यालय पहुंचते हैं और परेशानी होती है। सरकार को चाहिए कि जब तक किसान बहादुरगढ़ या किसी भी बॉर्डर पर नहीं पहुंचते, तब तक उन्हें खोल देना चाहिए।
बहादुरगढ़ में खुले हैं मेट्रो के सभी गेट
भले ही सड़क मार्ग बंद हो गया हो, लेकिन बहादुरगढ़ से दिल्ली जाने में मेट्रो एक बेहतर साधन है। बहादुरगढ़ में मेट्रो के तीन स्टेशन हैं। तीनों के दरवाजे अभी खुले हैं। किसान बहादुरगढ़ पहुंचते हैं तो गेटों को बंद किए जाने की संभावना है।