फोटो 71: गेहूं की बुवाई करता किसान।
बादली। गेहूं बुआई के लिए जरूरी तापमान को ध्यान में रखते हुए किसानों ने कार्य में तेजी ला दी है। एक सप्ताह से तापमान में गिरावट आई है और लोगों को ठंड लगने लगी है। लेकिन खेती के लिए मौसम अच्छा हो गया है। खासकर गेहूं की बुआई के लिए यह मौसम उपयुक्त है। रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के करीब होता है जोकि गेहूं की बुआई अच्छा है।
बादली और देवरखाना पैक्स के अलावा बहादुरगढ़ के अधीन आने वाले कृषि रकबे में इस बार करीब 30 हजार एकड़ में गेहूं बुआई का लक्ष्य है। जिन खेतों में जलभराव के कारण खरीफ की खेती नहीं हो सकी, उन खेतों में भी इस बार पहले से गेहूं की बुआई की जा रही है। रबी की बुआई छठ के बाद से ही शुरू हो जाती है लेकिन इस बार जल भराव के चलते देरी देखने को मिली है।
तीन चरणों में होती है गेहूं बुआई
- 20 नवंबर तक अगेती बुआई
- 5 दिसंबर तक मध्यम बुआई
- जनवरी के मध्य तक पछेती बुआई
अब गेहूं बुआई का उपयुक्त समय है। किसानों को अब देरी नहीं करनी चाहिए। अच्छी उपज के लिए मिट्टी अलमारी या छारिया न हो। खेत में स्वजनित पौधें नहीं होने चाहिए एवं जल निकास का अच्छा प्रबंध होना चाहिए। बीज को अच्छी तरह से तैयार करने के बाद बुआई करें। जरूरत के अनुसार सरसों में सिंचाई कार्य करें।
- सुनील कौशिक, एसडीओ, कृषि विभाग