पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बर्फबारी के बाद मैदानी इलाकों में भी सर्दी बढ़ती जा रही है। वीरवार को अधिकतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई, पर सूर्य देव के न निकलने और ठंडी हवाएं चलने से सर्दी का असर बरकरार रहा। ठिठुरन वाली सर्दी ने आम आदमी के साथ-साथ जीव-जंतुओं पर भी अपना असर डालना शुरू कर दिया है। इससे दिनचर्या प्रभावित होने लगी है। वीरवार को सुबह के समय कोहरा भी छाया रहा। इससे वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
वीरवार को अधिकतम तापमान जहां 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में जैसे-जैसे पहाड़ों पर बर्फ पिघलनी शुरू होगी तो मैदानी इलाकों में सर्दी अपना और बढ़ेगी। वीरवार को भी जगह-जगह लोग अलाव के सहारे दिन बिताते नजर आए। वीरवार की सुबह क्षेत्र कोहरे की चादर में लिपटा रहने के कारण नौकरी पेशा पर जाने वाले लोगों को परेशानी हुई। वहीं स्कूल जाने वाले नन्हें बच्चों को भी सर्दी सताने लगी है।
रूम हीटर व गैस गीजर की बढ़ी मांग
जैसे-जैसे सर्दी लोगों को अपनी गिरफ्त में लेती जा रही है। वैस-वैसे बाजारों में इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकानों में हीटर और गीजर खरीदने वाले ग्राहकों की भीड़ बढ़ती जा रही है। दुकानदार राहुल शर्मा का कहना है कि पिछले चार-पांच दिन से ही सर्दी ने अपना रंग दिखाना शुरू किया। अब रूम हीटरों की मांग बढ़ रही है। बाजार में यूं तो लोकल रूम हीटर और गीजर भी उपलब्ध हैं लेकिन अधिकतर लोग कंपनियों के हीटर और गीजर खरीदते हैं।
गर्म कपड़ों और खाद्य पदार्थों की बिक्री भी बढ़ी
सर्दी बढ़ने के साथ ही बाजार में गारमेंट्स का कारोबार करने वालों के चेहरों पर भी खुशी छा गई है। गारमेंट्स के कारोबारी विनय गोयल का कहना है कि हर बार दिसंबर के दो सप्ताह बीतने के बाद ही सर्दी बढ़ती है और उनके काम धंधे में तेजी आती है। इन दिनों बाजार में जैकेट, ऊनी टोपी, मफलर की बिक्री में तेजी है। सर्दी में उनका धंधा भी एक महीने पर ही निर्भर करता है। 15 दिसंबर से लेकर 15 जनवरी तक सर्दी अधिक होती है। इन दिनों में जो सर्दी के आइटम बिक जाते हैं।