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सांवड़ में गहराया पेयजल संकट, ग्रामीण पानी खरीद कर पीने को विवश

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गांव सांवड़ जलघर का टैंक पानी से लबालब होने के बाद भी ग्रामीण पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि टैंक में जो पानी है उसे न तो पीने में प्रयोग किया जा सकता है और न कपड़े धोने में। जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मामले से अवगत कराने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं किया गया है। इसके बाद भी लोग बेहद परेशान हैं। इस समय ग्रामीण टैंकर खरीदकर पानी की जरूरतों को पूरा कर रहे हैं। ग्रामीणों ने विभाग और प्रशासन से समस्या के समाधान की गुहार लगाई है।
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गांव सांवड़ के ग्रामीणों को पिछले एक माह से बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। ऐसा नहीं है कि जलघरों में पानी न हो लेकिन कर्मचारियों की कार्यशैली और खराब मशीनरी की वजह से समस्या बनी हुई है। पंच सुशील कुमार, राजकुमार, सुभाष व सोना, पूर्व बीडीसी मेंबर सज्जन शर्मा, रामौतार शर्मा, मास्टर मनोहर लाल, विष्णु दत्त, बजरंग लाल शर्मा, पप्पी शर्मा, राधेश्याम, राजपाल नंबरदार, संदीप शर्मा, हरीश कुमार, सतबीर शर्मा, श्याम लाल शर्मा, नारायणी, बिमला, कमलेश, ओमली, मुकेश ने बताया कि पिछले एक माह से भरी गर्मी में ग्रामीणों को पानी खरीद कर काम चलाना पड़ रहा है। विभागीय अधिकारी समस्या के समाधान की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
ग्रामीण जयभगवान, अमित, नंदकिशोर, सुनील शर्मा, रविंद्र सोनी, मास्टर कृष्ण चंद, मास्टर रामभगत, सुंदर लाल शर्मा, मास्टर रामधारी, मास्टर जगदीश प्रसाद शर्मा, थानेदार हरगोबिंद शर्मा ने बताया कि एक टैंकर के बदले ग्रामीणों को 400 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं। उनका कहना है कि गांव के जलघर में दो टैंक है। दोनों ही पानी से लबालब हैं, लेकिन सप्लाई पूरी तरह से नहीं छोड़ी जा रही है। कर्मी कभी बहाना बनाते हैं कि फिल्टर जाम हो रहे हैं तो कभी कहते हैं कि वॉल्व की खराबी के कारण पेयजल सप्लाई नहीं हो सकती। ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में विभागीय अधिकारियों से भी वे शिकायत कर चुके हैं लेकिन हालात जस के तस बने हैं।
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