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रोडवेज के डीजल पंप में घुसा पानी; तेल में मिलावट का खेल या लापरवाही

Wed, 31 Aug 2016 12:47 AM IST
ब्यूरो_अमर उजाला_झज्जर
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रोडवेज - फोटो : bureau
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रोडवेज की कुछ बसें मंगलवार को अपने निर्धारित रूट के बीच में ही बंद हो गईं। इस पर चालकों ने जब काफी जांच-पड़ताल की तो पाया कि टैंकों में जो डीजल है, उसमें काफी मात्रा में पानी की मिलावट है। बस चालकों ने मामले की सूचना तुरंत विभाग के आला अधिकारियों को दी। वहीं बसें बंद होने से यात्रियों में भी विभाग के प्रति रोष फैल गया और किसी तरह अन्य साधनों से अपने-अपने गंतव्य तक पहुंचे। वहीं इस मामले में रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि डीजल में कोई मिलावट नहीं की गई, इसमें बरसात का पानी मिल जाने के कारण यह दिक्कत हुई।
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मामले में अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि यह तेल में मिलावट का खेल है या विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही से ऐसा हुआ है। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक करीब 15 से 20 हजार लीटर डीजल में बरसात का पानी मिल गया है, जिस कारण 17 बसें प्रभावित हुईं हैं। 

रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि पुराने बस स्टैंड स्थित पंप के पास नीचा स्थल होने के कारण वहां पर बरसाती पानी जमा हो जाता है। उन्होंने कहा कि इस बार भी ऐसे ही हालात पैदा हुए, जिसके कारण पंप में पानी चला गया, लेकिन मामले की गंभीरता को देखा जाए तो जहां से पंप में तेल डाला जाता है, वह पाइप जमीन से काफी ऊपर है, लेकिन इसके बावजूद भी बरसाती पानी के पंप में जाने की बात कुछ सिरे नहीं चढ़ पा रही। अब मामला क्या है ये तो रोडवेज अधिकारी ही जानते हैं।
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तेल में मिलावट का इसलिए शक ज्यादा
जिस तरह से अधिकारी इस पूरे मामले में पल्ला झाड़ रहे हैं और पानी भरा होने और टैंक के लीकेज होने की बात कह रहे हैं। ऐसे में एक बात और सामने आती है कि अगर लीकेज टैंक में पानी घुस सकता है तो डीजल भी तो बाहर निकल सकता था। ऐसे में डीजल बाहर नहीं आया और पानी अंदर चला गया। यह बात स्वयं शक की सुई घुमा रही है।

डीजल पंप नए बस स्टैंड में शिफ्ट करने की लटकी है अप्रूवल
शहर के बीच में स्थित बस स्टैंड को रोहतक रोड पर शिफ्ट हुए महीनों हो गए हैं, लेकिन बसों के डीजल पंप को अभी तक पुराने बस स्टैंड में ही रखा गया है। रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि पंप को नए बस स्टैंड में शिफ्ट करने के लिए विभाग के पास अप्रूवल भेजी गई है, लेकिन कब विभाग से अप्रूवल पास होकर आएगी, कब यह नए बस स्टैंड में शिफ्ट होगा, इसका अभी कोई अंदाजा नहीं। इस लापरवाही के कारण विभाग को करीब 15 से 20 हजार लीटर डीजल में पानी मिल जाने के कारण काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है। 

कुछ भी हो, भार तो जनता पर ही पड़ेगा
अब मामला चाहे बरसात के पानी का हो या लापरवाही का या फिर गोलमाल का। किसी भी विभाग को अगर किसी प्रकार की चपत लगती है तो इसका भार तो जनता को ही उठाना पड़ता है, लेकिन फिर भी इस प्रकार की घटनाएं अक्सर देखने को मिल रही हैं। जांच अधिकारी भी कुछ कर्मियों की ही कही गई बात को सच मानकर जांच मामले से इतिश्री कर लेेते हैं, लेकिन अगर इस प्रकार के मामले की अगर गहराई से जांच की जाए तो भविष्य में इस प्रकार की चपत लगने से बचा जा सकता है।

बसों के रूट प्रभावित
डीजल में पानी की मिलावट होने से बसें रास्ते के बीच में ही बंद हो गईं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार करीब 17 बसें अपने निर्धारित रूट के बीच में ही इस प्रकार की समस्या आने के कारण ठप्प हो गईं, जिन्हें बाद में बड़ी मशक्कत से रोडवेज वर्कशॅाप में लाया गया और टंकी से मिलावट का डीजल निकालकर उसकी सफाई की गई और वर्कशॉप के कर्मचारी बसों को दुरुस्त करने में लग गए।

बसें बंद होने से गुस्साईं सवारियां
बीच रास्ते बसों के बंद होने के कारण यात्रियों में भी काफी रोष देखने को मिला, जिसका खामियाजा संबधित बसकर्मियों को ही उठाना पड़ा। बीच रास्ते बंद पड़ी बस के कारण गुस्साई सवारियों ने दूसरी बस में बैठने को झगड़ा करना शुरू कर दिया। इस बारे में नाम न छापने की शर्त पर एक रोडवेजकर्मी ने बताया कि गलती किसी और की और भुगतना हमें पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार से गुस्साई सवारियों को समझा पाना बहुत ही मुश्किल था। छात्रा कविता, अनीता ने बताया कि कॉलेज आ रहे थे, बस रास्ते में ही रुक गई, जिसके चलते परेशानी हुई है। ऑटो में बैठकर बीच रास्ते से आना पड़ रहा है।

बसों के इंजन में आ सकती है बड़ी कमी
तेल में किसी भी केमिकल या पानी की मिलावट आने से वाहन का सर्विस खर्च तो बढ़ता ही है, साथ में इंजन में भी काफी लागत आने की आशंका हो जाती है। डीजल में पानी की मिलावट पर पानी हलका होने के कारण वह टैंक में डीजल के ऊपर आ जाता है, लेकिन जब डीजल कम होता जाएगा तो पानी भी डीजल के साथ ही इंजन में चला जाएगा और इंजन काम करना बंद कर देगा।
राकेश कुमार, सर्विस मिस्त्री 

मामले की सूचना मिलते ही पुराने बस स्टैंड परिसर से पानी निकलवाने के लिए डीसी से भी संपर्क किया गया। इसके बाद वैकल्पिक व्यवस्था करके पानी को निकाला गया, लेकिन बरसात के मौसम में बार-बार यह समस्या आ रही है। इसलिए डीजल पंप को नए बस स्टैंड में शिफ्ट करने के बारे में विभाग को सूचना दे दी गई है। रिफाइनरी से डीजल के टैंकों में सील लगकर आती है, जो पंप पर पहुंचने के बाद संबंधित अधिकारी की अगुवाई में ही खोली जाती है।
बलवंत सिंह गोदारा, जीएम रोडवेज झज्जर


तेल में पानी की मिलावट का कारण बरसाती आफत ही है, लेकिन इसके कारण तेल में शुद्धिकरण का कार्य चल रहा है। उपकरणों के माध्यम से तेल से पानी की मिलावट को अलग करने की कोशिश जारी है।
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श्रीभगवान दहिया, डब्ल्यूएमओ रोडवेज झज्जर
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