पब्लिक हेल्थ ने घरों में पानी के मीटर तो लगवा दिए लेकिन इनको समय पर अपडेट नहीं कर पाया। लापरवाही विभाग की है और भुगतेंगे शहरवासी। विभाग लोगों को पानी के बिल मीटर की बजाय फ्लैट रेट पर थमा रहा है।
सीधे सीधे लगभग 20 लाख रुपये का बोझ जल उपभोक्ताओं पर पड़ा है। मीटर के हिसाब से हर महीने जो पानी बिजल 60 रुपये बनता है, वह फ्लैट रेट में 120 रुपये की दर से वसूला जा रहा है।
पब्लिक हेल्थ की ओर से दिए जा रहे पानी के बिलों को लेकर शहर के लोग हैरान हैं। शहर में 10 हजार से ज्यादा पेयजल उपभोक्ता हैं। फिलहाल भट्टी गेट, लाल खानियां मोहल्ला, दमदमा मोहल्ला व हरिपुरा मोहल्ला में पानी के बिल बांटे जा चुके हैं, जबकि शहर के अन्य क्षेत्रों में अगले चंद दिनों में लोगों के घर बिल पहुंच जाएंगे। पानी के बिल भारी भरकम राशि के भले ही न हों, लेकिन सामान्य राशि की बजाय दोगुनी राशि के जरूर हैं।
यह फ्लैट रेट पर पानी बिल जारी करने की वजह से हुआ है। लोग हैरान हैं कि जब उनके यहां पानी की लाइन पर मीटर लगे हैं तो फिर बिल रीडिंग की बजाय फ्लैट रेट पर क्यों दिए गए हैं। इस वजह से पानी का बिल प्रति माह 60 रुपये की बजाय 120 रुपये की दर से वसूला जा रहा है।
चौंकाने वाली बात है कि विभाग के रिकार्ड के अनुसार शहर में ऐसा कोई पानी कनेक्शन नहीं जहां जो अवैध या फिर बिना मीटर के हो। बावजूद इसके पानी का बिल बिना मीटर के थमाया जा रहा है। पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट के आदेशों के बाद पब्लिक हेल्थ ने शहर में अभियान चलाकर पानी के कनेक्शनों को वैध किया था।
सभी घरों में मीटर लगाए गए थे। शहर में फिलहाल 10 हजार से ज्यादा पानी के वैध कनेक्शन हैं। खुलासा हुआ है कि विभाग ने घरों में पानी के मीटर तो लगा दिए, लेकिन अभियान के समापन के 5 महीने बाद तक भी इनके रिकार्ड को अपडेट नहीं किया। इसके पीछे अधिकारी मेन पावर की कमी होने की बात कह रहे हैं। कनेक्शन अपडेट न होने के कारण ही पब्लिक हेल्थ ने लोगों को पानी के बिल फ्लैट रेट पर थमा दिए हैं।
...ऐसे लगी लाखों की चपत
विभागीय सूत्र बताते हैं कि शहर में करीब साढ़े चार हजार से ज्यादा पानी उपभोक्ताओं को पब्लिक हेल्थ की ओर से फ्लैट रेट पर पानी के बिल जारी किए गए हैं। हालांकि इन घरों में पानी के मीटर लगे हैं और कनेक्शन भी वैध हैं। पानी का बिल 60 की बजाय 120 रुपये के हिसाब से आने से साढ़े चार हजार उपभोक्ताओं की जेब से हर महीने 3 लाख रुपये ज्यादा जाएंगे।
पानी का बिल चूंकि 6 महीने में आता है, इस कारण उपभोक्ताओं को करीब 20 लाख रुपये की चपत लगने वाली है। इससे पहले उपभोक्ताओं ने 1720 रुपये खर्च कर अपने कनेक्शनों को वैध करा कर पानी के मीटर लगवाए थे, जो कि उनके अब काम नहीं आए हैं।
बोले अधिकारी-निकालेंगे हल
विभाग ने शहर में कंपेन चला कर पानी के कनेक्शनों को वैध किया था। मेन पावर की कमी से कुछ कनेक्शनों को सिंपलीफिकेशन नहीं हो पाया, इस कारण पानी के बिल फ्लैट रेट पर भेजे गए हैं।
रिकॉर्ड को अपडेट किया जा रहा है और यह अगले एक महीने तक पूरा हो जाएगा। पानी के अगले बिल उपभोक्ताओं को मीटर के हिसाब से मिलेंगे। अगर अब उपभोक्ताओं को बिल ज्यादा मिले हैं तो इनको हल निकालने का प्रयास किया जाएगा।
-गौतम कुमार, एसडीई पब्लिक हेल्थ
बोले उपभोक्ता : हमारे साथ अन्याय
पानी के डबल रेट के बिलों को लेकर परेशान उपभाक्ता कभी घरों में लगे पानी के मीटर को देखते हैं तो कभी पानी के बिलों को। वे समझ नहीं पा रहे हें कि आखिर उनकी गलती कहां है।
दमदमा मोहल्ला के रामचंद्र ने पानी का मीटर दिखाते हुए कहा कि देखो यह सही चल रहा है। बिल फ्लैट रेट से आया है। यह तो सरासर उनके साथ अन्याय है। लालखानियां मोहल्ला निवासी डॉ. राजेंद्र शर्मा ने कहा कि काफी भागदौड़ के बाद पानी के कनेक्शन को वेध करा मीटर लगाया था।
अब गलती विभाग की है भुगतना उनको पड़ेगा। लालखानिया मोहल्ला निवासी शाली बंती ने कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। भट्टी गेट निवासी जगदीश खन्ना ने कहा कि पानी का बिल फ्लैट रेट पर आया है। उनके यहां मीटर लगा है तो इसका क्या तुक बनता है। पानी बिलों को ठीक किया जाए।