झज्जर। नेशनल हाईवे 71 पर रविवार को रायपुर मोड़ के पास सड़क दुर्घटना का शिकार हुए ढाणी सैनियान का योगेश कुमार दो साल पहले भारतीय सेना में भर्ती हुआ था। वह फिलहाल रुड़की, उत्तराखंड में तैनात था। वह सेना के किसी काम से हिसार आया हुआ था। जहां से शुक्रवार को योगेश कुमार अपने घर पहुंचा था। वह होली के त्योहार पर अपने परिवार से मिलने के लिए घर आया हुआ था। उसने 10 अप्रैल को वापस अपनी ड्यूटी पर जाना था। परिवार में होली के त्योहार की खुशियां मनाई जा रही थी। लेकिन जैसे ही घटना की जानकारी परिवार के लोगों को मिली तो त्योहार की खुशियां मातम में बदल गई। देखते ही देखते घटना की जानकारी पूरे गांव में फैल गई और पूरी गांव में माहौल पूरी तरह से गमगीन हो गया। घटना से करीब 15 मिनट पहले ही वे घर से कार में सवार होकर झज्जर के लिए निकले थे। लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। थोड़ी देर बाद ही गांव में योगेश की मौत का समाचार पहुंचा गया।
- 10 साल पहले पिता की भी सड़क दुर्घटना में हुई थी मौत
योगेश के परिजनों ने बताया है कि उसके पिता राजेंद्र कुमार की भी करीब 10 वर्ष पहले सड़क दुर्घटना में ही मौत हो गई थी। उसके बाद से योगेश ने अपने परिवार को संभाला था और दो साल से वह सेना में कार्यरत रह कर अपने परिवार का गुजारा चला रहा था। फिलहाल तक उसकी शादी भी नहीं हुई थी। उसकी छोटी बहन एमए कक्षा में शिक्षा ग्रहण कर रही है। योगश करीब 23 साल का था। अब योगेश के परिवार में उसकी मां व छोटी बहन बची हैं।
- दीपक की हालत चिंताजनक
योगेश के चाचा के लड़के दीपक की हालत भी रोहतक पीजीआई में चिंताजनक बताई जा रही है। वह 11वीं कक्षा का छात्र है। रोहतक पीजीआई में उनका इलाज चल रहा है।