-फोटो 64 : डॉ. सुंदरम, फिजिशियन, नागरिक अस्पताल बहादुरगढ़।
बहादुरगढ़। हर वर्ष 19 अप्रैल को विश्व लिवर दिवस मनाया जाता है। रोजाना दो से तीन लोग लिवर की समस्या को लेकर बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल में पहुंच रहे हैं। अस्पताल के चिकित्सक ऐसे मरीजों को वजन कम करने और फास्ट फूड खाने से बचने की सलाह दे रहे हैं।
नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. सुंदरम ने विशेष बातचीत के दौरान बताया कि 84 फीसदी लोगों की कमर का आकार मानक से ज्यादा है। वहीं, लिवर की समस्या का सबसे आसान इलाज वजन कम करना है। अपने वजन में सिर्फ दस फीसदी कमी करके फैटी लिवर पर काबू पा सकते हैं। उनके अनुसार, फैटी लिवर तमाम समस्याओं की वजह बनता है। पेट की समस्याएं, लिवर खराब होना, लिवर सिरोसिस और कैंसर इससे होने वाली प्रमुख बीमारियां हैं। खान-पान और जीवनशैली की वजह से लोगों में फैटी लिवर की समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। समय-समय पर लोगों को अपने लिवर की जांच करानी चाहिए। फैटी लिवर दो प्रकार का होता है। पहला-शराब पीने की वजह और दूसरा नॉन एल्कोहॉलिक फैटी लिवर। दोनों ही खतरनाक हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए जरूरी है कि हमारा लिवर दुरुस्त रहें, इसलिए नियमित रूप से अपने लिवर की जांच कराते रहें।
क्यों जरूरी है वजन घटाना
डॉ. सुंदरम के अनुसार 43 फीसदी लोगों में मेटाबोलिक सिंड्रोम, डायबिटीज, हायपरटेंशन, कोलेस्ट्रोल की अधिकता रहती है। वहीं 93 फीसदी में कम से कम एक मेटाबॉलिक तत्व की कमी देखी गई है। फैटी लिवर के 85 से 90 फीसदी मामलों में मरीज ओवर वेट होता है। 84 फीसदी लोगों की कमर का आकार मानक से ज्यादा होता है। इसलिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि व्यक्ति अपना वजन कम करें।
फास्ट फूड खाने से बचें
डॉ. सुंदरम ने बताया कि फैटी लिवर की वजह खानपान और जीवनशैली भी है। फास्ट फूड, जयादा मीठा, चिकना और तला-भुना खाना खाने से फैटी लिवर की समस्या पैदा होती है। शहरी आबादी इसकी ज्यादा शिकार होती है। इसलिए फैटी लिवर की समस्या भी उनको ज्यादा है।