बहादुरगढ़। प्रदेश सरकार की ओर से सरकारी अस्पतालों में बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के दावे तो खूब किए जा रहे हैं, लेकिन बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल में विटामिन-डी की जांच भी नहीं हो रही है। इसके लिए मरीजों को प्राइवेट लैब की दौड़ लगाने के साथ जेब ढीली करनी पड़ रही है। इसके अलावा अन्य कई रोगों की जांच सुविधा भी अस्पताल में मरीजों को नहीं मिल रही। बाहर से यह टेस्ट कराने पर महंगे पड़ते हैं।
थायराइड, विटामिन-डी की कमी अब आम रोग है, लेकिन हैरानी की बात है कि इन रोगों की जांच की सुविधा आज भी सरकारी लैब में नहीं है। लैब में थायराइड, विटामिन-डी अन्य विटामिन की कमी जैसे महंगे टेस्ट आज तक शुरू नहीं हुए। अस्पताल में रोजाना 500 से अधिक मरीजों की ओपीडी चल रही है, जिनमें अधिकांश मरीजों को खून व पेशाब आदि की जांच लिखी जा रही है।
औसतन एक मरीज को चिकित्सकों द्वारा चार से पांच टेस्ट लिखे जाते हैं। यह टेस्ट अस्पताल की लैब में आते हैं, जिनमें से कुछ ही हो पाते हैं। अस्पताल में इलाज के लिए शंकर गार्डन से पहुंची गर्भवती महिला सुनीता व पिंकी ने बताया कि डॉक्टर की ओर से विटामिन-डी की जांच पर्चे पर लिखी गई है, लेकिन अस्पताल में विटामिन-डी की जांच की सुविधा नहीं है। ऐसे में उन्हें निजी लैब में एक हजार से 1600 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
70 फीसदी मरीज विटामिन डी की कमी से पीड़ित
70 फीसदी मरीज विटामिन-डी की कमी से पीड़ित नागरिक अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. कुनाल ने बताया कि विटामिन-डी की कमी अब आम बात है। विटामिन-डी की कमी हालांकि धूप से पूरी हो जाती है, लेकिन इसकी कमी से संबंधित कई तरह की दिक्कतें हैं। खासकर महिलाएं इससे ज्यादा पीड़ित हैं। अस्पताल में इलाज के लिए आने वाला हर तीसरा मरीज इसकी कमी का शिकार है।
नागरिक अस्पताल में लगातार सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। इस बारे में लैब पैथोलॉजिस्ट से बात की जाएगी। सभी जांच के लिए पूरा सेटअप लगा है।
- डॉ. विनय देशवाल, एसएमओ, बहादुरगढ़।