गांव में चबूतरे बनवा दिए जबकि जोहड़ की साढे़ तीन बिघे जमीन पंचायती है। इससे ग्रामीणों में रोष है। गांव में अराजकता भड़क सकती है। गांव में खून-खराबा व मारपीट हो सकती है। इसकी पैमाइश करवाई जाए। इस पर बीडीपीओ ने बताया कि वहां पानी भरा हुआ है, जिस कारण 27 अक्तूबर को पैमाइश नहीं हो सकी। इसे बाद में करवाया जाएगा। इसके बाद कबलाना गांव की सरपंच उषा देवी व अन्य ग्रामीण मंच पर पहुंचे और मंत्री के सामने अपनी बात रखी। सरपंच ने बताया कि कुछ लोगों ने गांव का माहौल खराब कर रखा है। एक ही शिकायत को बार-बार दिया जाता है।
इन शिकायतों पर जो हस्ताक्षर हैं, उनकी जांच होनी चाहिए। इन लोगों ने बूस्टर पर कब्जा किया हुआ है। उन्होंने शिकायत करने वालों पर कार्रवाई की मांग की। जैसे ही सरपंच ने अपनी बात पूरी की तो दूसरे पक्ष ने भी आरोप लगाने शुरू कर दिए। इस पर शिकायतकर्ता व अन्य ग्रामीणों के बीच जमकर बहस हो गई और नौबत मारपीट तक पहुंच गई। मौके पर खडे़ पुलिस कर्मियों ने दोनों पक्षों को अलग-अलग किया।
पुलिस की निगरानी में पहुंचाया घर
शिकायतकर्ता जैसे ही गेट से बाहर निकलकर आगे आए तो वहां कुछ ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया और थप्पड़ मार दिए। इस पर पुलिस कर्मी मौके पर पहुंच गए और दोनों पक्षों को अलग-अलग किया। शिकायतकर्ता भागकर फिर संवाद भवन में घुस गए। उसके बाद उन्हें पुलिस सुरक्षा के बीच घर छोड़ा गया।