साल्हावास। क्षेत्र के गांव खापडवास में काफी समय से पेयजल की समस्या से लोग परेशान हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से समाधान करवाने की गुहार लगाई है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो वे मजबूर होकर वोटर वर्क्स पर ताला जड़ देंगे।
ग्रामीण जीतू शर्मा, साहिल शर्मा, रवि, प्रवीण, सतबीर सिंह, अरुण, सचिन प्रजापत, महेश प्रजापत, कपिल मोहित, सोनू दलाल ने बताया कि गांव में सप्लाई होने वाले पानी का टीडीएस 3000 के लगभग है। यह पानी इतना नुकसानदायक है कि गांव में हर घर में कोई न कोई सदस्य बीमार हैं। कैंसर, किडनी, कमर दर्द, गले के दर्द से ग्रामीण परेशान हैं।
सूबेदार भगवान सिंह ने बताया कि गांव में 450 घर है। लगभग 2000 लोग रहते हैं। लगभग 500 फौजी हैं। इसके बावजूद भी लोगों को मूलभूत समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। ग्रामीणों को अपने वाहनों पर मातनहेल से पानी लेकर आना पड़ता है।
इस समय गांव के सभी जोहड़ खाली है जिस कारण पशुओं को भी पीने को पानी नहीं मिल रहा है। जहां पर सरकारी बोरवेल किया गया है वहां पर ही दूषित पानी की निकासी है। इसका सीधा सा प्रभाव बोरवेल के पानी पर पड़ रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि अमृत सरोवर योजना के तहत जोहड़ों का नवीनीकरण करवाया जाए।
बोरवेल के पास से दूषित पानी निकासी को हटाया जाए। साथ ही जेएनएल से खापडवास तक सीधे पाइप दबाएं जाएं। पक्का नाला बनाकर स्कैच चैनल में दूषित पानी डाला जाए। इस संबंध में जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के कनिष्ठ अभियंता विनोद कुमार ने बताया कि गांव में लगभग 50 अवैध कनेक्शन हैं। इसके लिए नोटिस जारी कर चुके हैं। ग्रामीण खाली प्लाट में भी पानी के कनेक्शन लगाए हुए हैं, जिस कारण पानी की समस्या आ रही है। प्रतिदिन लगभग साढ़े तीन से चार घंटे पानी की सप्लाई दी जा रही है। दूषित पानी निकासी का मामला पंचायत विभाग के अंतर्गत आता है।