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गबन के आरोपी को विजिलेंस ने पकड़ा, जेल

Wed, 23 Jul 2014 12:51 AM IST
झज्जर-बहादुरगढ़, अमर उजाला ब्यूरो
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विजिलेंस टीम ने करीब एक वर्ष पूर्व किसानों की सब्सिडी को हड़पने तथा घटिया पाइपों का इस्तेमाल करते हुए सरकार को लाखों रुपये का चूना लगाए जाने का मामला दर्ज किया था। मामले में कृषि विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और एक एजेंसी संचालक सहित 11 लोगों को इसका जिम्मेवाद ठहराया गया।

विभागीय स्तर पर हुई तकनीकी जांच में एजेंसी संचालक के खिलाफ 32 लाख रुपये से अधिक की रिकवरी निकाली गई, जिसने इस बात को पुख्ता कर दिया कि सरकारी योजना को पलीता लगाते हुए गोलमाल किया गया है। विभाग द्वारा निकाली गई रिकवरी राशि को झज्जर बैंक में जमा कराने के लिए पहुंचे लक्ष्मी इंटरप्राइजेज के संचालक संदीप पुत्र राधे श्याम गोयल को विजिलेंस विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर धर दबोचा है।
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 विभाग के काबू में आए आरोपी को मंगलवार को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
सरकार की ओर से वर्ष 2010-11 में खेतों में पाइप लाइन डालने एवं फव्वारा सिस्टम चालू करने की योजना चलाई गई थी, जिसमें किसानों को 50 फीसदी सब्सिडी दिए जाने का प्रावधान था। इसके लिए कृषि विभाग को करीब एक करोड़ 57 लाख रुपये की राशि अलॉट की गई। निर्देश दिए गए थे कि कार्य को उन्हीं फर्म से करवाया जाए जो सरकारी तौर पर विभाग से अधिकृत हाें। यहीं से गोलमाल की शुरुआत हुई।
आरोप है कि कृषि विभाग में तत्कालीन एडीओ, सर्वेयर, अकाउंटेंट, ड्राफ्टमैन सहित दादरी स्थित एजेंसी संचालक ने गोलमाल को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम तक पहुंचाया।

 इन्होंने यहां कार्य तो करवाए लेकिन उसमें घटिया सामग्री का प्रयोग किया। आरोप यह भी है कि अधिकतर किसानों को उनकी सब्सिडी की राशि ही प्रदान नहीं की गई। जबकि उनके हस्ताक्षर कोरे कागजात पर करवा लिए गए। मामला जब किसानों के संज्ञान में आया तो उनकी ओर से वर्ष 2012 में विजिलेंस विभाग, झज्जर में शिकायत दी गई। शिकायत के आधार पर हुई जांच की रिपोर्ट मुख्य सचिव, हरियाणा सरकार को भेजी गई। इसी कड़ी में जुलाई 2013 में उक्त सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

विजिलेंस विभाग में तैनात ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि मामला दर्ज होने के बाद विभाग की ओर से आई तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर 32 लाख रुपये से अधिक की रिकवरी राशि निकाली गई थी। जोकि फर्म द्वारा देय बनती है। इसी राशि को जमा करवाने के लिए आरोपी संदीप जब झज्जर पहुंचा तो उसे काबू कर लिया गया है।
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शेष अन्य बचे आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने संबंधी पहलू पर उनका कहना है कि रिपोर्ट के मुताबिक सभी द्वारा बरती गई लापरवाही को उजागर कर दिया गया है। आने वाले दिनों में उनके खिलाफ भी उचित कार्रवाई अतिशीघ्र अमल में लाई जाएगी।

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