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वेबसाइट की तकनीकी खराबी के चलते किसान सम्मान निधि योजना के लिए जमीन का नहीं हो पा रहा सत्यापन

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झज्जर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभार्थियों की जमीनों का सत्यापन होना है। इस काम में 68 अधिकारी और कर्मचारी जुटे हैं, लेकिन वेबसाइट में तकनीकी खामी के कारण ये काम बाधित हो रहा है। अधिकारियों ने कर्मचारियों के अवकाश रद् कर दिए हैं।
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जिले में किसान 98 हजार 679 किसानों को पीएम सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। जिनका कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की ओर से वेबसाइट के माध्यम से जमीन का सत्यापन किया जाना है। जिसमें किसान की जमीन से संबंधित जानकारी जुटानी है। इस काम को पूरा करने के लिए विभाग के आला अधिकारियों ने पहले 2 दिन का समय दिया था लेकिन बार-बार वेबसाइट में बार-बार तकनीकी खराबी आने के कारण जमीन के सत्यापन का कार्य नहीं हो रहा है।
कृषि विभाग ने अभी तक करीबन 3900 लाभार्थी किसानों की जमीन को सत्यापन किया है। कृषि विभाग के उपनिदेशक इंद्र सिंह का कहना है कि विभाग के 68 अधिकारियों व कर्मचारियों की लॉगिन आईडी बनाई है। जिसके माध्यम से जमीन के सत्यापन से जुड़ी जानकारी वेबसाइट पर अपलोड करनी है, लेकिन जैसे ही विभाग के कर्मचारी इस साइट पर संबंधित किसान की जानकारी साइट पर दिए हुए कॉलम में भरते हैं तो आखिरी कॉलम को भरने के बाद आईडी खुद लॉग आउट हो जाती है। इस कारण किसान परेशान हैं। लगातार बारिश के चलते इंटरनेट से संबंधित समस्याओं का सामना भी करना पड़ रहा है। अगर साइट में तकनीकी खराबी ना हो तो एक कर्मचारी को एक किसान की जानकारी अपलोड करने में करीबन 10 से 15 मिनट का समय लगता है लेकिन तकनीकी खराबी के कारण करीबन आधे घंटे का समय लग रहा है और वह पूरा भी नहीं हो पाता है।
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हालांकि लाभार्थी किसानों को फायदा पहुंचाने के लिए विभाग लगातार प्रयासरत है। इसके चलते विभाग में सभी कर्मचारियों के अवकाश को रद्द कर दिया है। भूमि के सत्यापन को प्राथमिकता दी गई है। लेकिन वेबसाइट की ठीक ढंग से संचालन न होने के कारण यह काम रफ्तार नहीं पकड़ रहा है। जिसके चलते विभाग के कर्मचारियों में काफी रोष बना हुआ है। घंटों तक लगातार अधिकारी व कर्मचारी कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बैठे रहते हैं और साइट के चलने का इंतजार करते रहते हैं। इतना ही नहीं उपनिदेशक इंदर सिंह ने खुद अपने सामने अनेकों बार अधिकारी व कर्मचारियों से वेबसाइट पर काम करवा कर देखा लेकिन तकनीकी खामी के चलते जमीन के सत्यापन का काम नहीं हो पा रहा है।
वर्जन
जमीन के सत्यापन को प्राथमिकता दी गई है। सभी कर्मचारियों के अवकाश रद्द कर दिए गए है। वेबसाइट पर जानकारी अपलोड करने में समस्या आ रही है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों से वार्ता की जा रही है।
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डॉ इंद्र सिहं, कृषि उपनिदेशक
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