भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के शहीदी दिवस को मनाने के लिए दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का जत्था फिर से पहुंचने लगा है। किसान संगठनों का दावा है कि 23 मार्च को शहीदी दिवस मनाने के लिए पंजाब, हरियाणा से बड़ी संख्या में किसान बॉर्डर पर पहुंच रहे हैं। इसमें 23 मार्च तक आयोजित होने वाली शहीद यादगार किसान मजदूर पदयात्रा भी शामिल है।
किसान नेताओं ने बताया कि एक पदयात्रा 18 मार्च से लाल सड़क हांसी, हिसार हरियाणा से शुरू हो गई है जो 23 मार्च को टीकरी बॉर्डर पर पहुंचेगी। वहीं दूसरी यात्रा पंजाब के खटकड़ कलां से शुरू होकर पानीपत आएगी। यह हरियाणा के जत्थे से मिलकर 23 मार्च को सिंघु बॉर्डर पर पहुंचेगी।
किसान मजदूर संघर्ष समिति पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष सतनाम सिंह पन्नू का कहना है कि शहीद भगत सिंह और अन्य साथियों की शहादत दिवस को 23 मार्च मनाने के लिए तरनतारन जिले से एक दल भेजने की विशेष तैयारी की गई है। हजारों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का एक दल भी 20 मार्च शनिवार को दिल्ली मोर्चा में शामिल होगा। धरनास्थल पर लोगों के जुड़ने का सिलसिला शुरू हो गया है। दिन में अधिक गर्मी हो रही है और इससे निपटने के लिए कई जगहों पर गन्ने का रस और दूसरे तरल पदार्थ की व्यवस्था बड़े स्तर पर की गई है।
गन्ने का रस निकाल रहे अमृत ने कहा कि वह पिछले 15 दिनों से यहां पर सेवा दे रहे हैं। हालांकि उन्हें गर्मी से अधिक समस्या नहीं है। कहते हैं, हम खेतों में रहने वाले लोग हैं। अगर कोई यह कह रहा है कि हम थक गए हैं तो यह बेहद गलत होगा। हम तब तक यहां पर डटे रहेंगे, जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं हो जाती।