सालभर पहले जरूरतमंद लोगों के लिए शुरू हुई खाद्य सुरक्षा योजना अब लोगाें के लिए झगड़े की वजह बनने लगी है। लाइन पार के वार्ड नंबर-8 में अनाज लेने गए लोगों ने वितरक कर रहे व्यक्ति और उसके कुछ साथियों पर उनके साथ गाली-गलौज करने व एक कार्ड धारक की कनपटी पर हथियार रखकर उसको जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। इस घटना से डिपो पर राशन लेने आए लोग भड़क उठे और उन्होंने पहले डिपो के बाहर खूब हंगामा किया। पुलिस ने इस मामले में अनाज का वितरण कर रहे एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। मामले में कुछ और लोग भी गिरफ्तार किए जा सकते हैं।
बहादुरगढ़ में खाद्य सुरक्षा योजना का गेहूं अब किसी की जान भी ले सकता है। वार्ड-8 में डिपो होल्डर केसाथियों ने साफ गेहूं की मांग कर रहे लोगों पर पिस्तौल तानकर जान से मारने की धमकी दी है। लोगों का कसूर सिर्फ इतना था कि कुछ व्यक्तियों ने जहां साफ गेहूं न देने पर ऐतराज जताया था तो कुछ ने खाकी कार्डों की सूची से उनका नाम काटे जाने पर लिस्ट दिखाने की बात कही थी।
तीन दिन पहले काफी लोगों ने एकत्रित होकर राशन केंद्र पर अनाज वितरण में मनमानी बरतने को लेकर रोष जाहिर करते हुए डिपो को बंद कर दिया था। लेकिन जब शुक्रवार को डिपोे फिर से खोला गया तो लोगों ने अपना हक मांगा और साफ गेहूं देने की मांग की। जिस पर डिपो पर अनाज का वितरण कर रहे व्यक्ति ने उनके साथ झगड़ना शुुरू कर दिया। यही नहीं उसने बाद में अपने कुछ साथियों को भी मौके पर बुला लिया। इनमें से उक्त युवकों ने लोगों को धमकाना शुरू कर दिया।
अनाज लेने आए लोगों का आरोप है कि साथ में एक युवक ने तो तैश में आकर एक कार्ड धारक धर्मबीर की कनपटी पर पिस्तौल लगाकर उसे चुप रहने और जान से मारने की धमकी भी दी। इस घटना से डिपो पर राशन लेने आए लोग भड़क उठे और उन्होंने पहले डिपो के बाहर खूब हंगामा किया और पुलिस को भी इस घटना के बारे में बताया।
यही नहीं लोगों में गुस्सा इतना था कि उन्होंने थाने का घेराव कर यहां भी खूब नारेबाजी की और उन्हें जान से मारने की धमकी देने और राशन न देने वालों को जल्द पकड़ने व कड़ी कार्रवाई की मांग भी की। शास्त्री नगर निवासी रामनिवास, विजय, सुनील, ऊषा, सरोज, किरण, ओमपति ने बताया कि सरकार ने खाद्य सुरक्षा योजना गरीब लोगों के भरण-पोषण के लिए शुरू की थी, लेकिन यह योजना डिपो होल्डरों के लिए मुनाफाखोरी की स्कीम बनकर रह गई है। बिना किसी सही तस्दीक किए लोगों के नाम इस स्कीम की सूची से काटे गए हैं।
जिन लोगों के पास आय का कोई खास साधन नहीं है, उनको भी इस योजना से वंचित किया जा रहा है। लोगों का आरोप है कि डिपो होल्डर मनमानी करते हैं। जिनके नाम डिपो अलॉट है, उनमें से अधिकतर तो बैठते तक नहीं, बल्कि बाहरी लोगों को अनाज वितरण का जिम्मा सौंप देते हैं। ऐसे में ये बाहर लोग उनके साथ झगड़ा करने पर उतारू हो जाते हैं। कार्ड धारकों ने प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की है कि ऐसे संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि कोई घटना न हो सके।
थाना प्रभारी अशोक ठाकरान का कहना है कि काफी लोग अनाज वितरण करने वाले और उसके साथियों के खिलाफ उन्हें पिस्तौल दिखाकर धमकाने की शिकायत लेकर थाने में आए हैं। इस पर उन्होंने उनके खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी। उन्होंने बताया कि दया किशन नामक व्यक्ति को कोटा अलाट है, लेकिन इस पर जगमाल नामक व्यक्ति अनाज का वितरण कर रहा था। उसके और उसके साथियों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
खाद्य एवं पूर्ति विभाग के निरीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि उनके संज्ञान में कोई मामला नहीं आया है। जिस व्यक्ति के नाम डिपो का लाइसेंस है, उस पर वह स्वयं ही राशन का वितरण कर सकता है। यदि कोई बाहरी व्यक्ति राशन बांटता है और संचालक मौजूद नहीं होता तो ऐसे लोगों के खिलाफ विभाग कार्रवाई करेगा। किसी को भी राशन वितरण करने के दौरान मुनाफाखोरी नहीं करने दी जाएगी।