गांव ऊण में बिजली चोरी पकड़ने पहुंची निगम की विजिलेंस टीम के साथ दुर्व्यवहार करने का मामला सामने आया है। टीम का आरोप है कि एक ग्रामीण ने टीम में शामिल कर्मचारी का मोबाइल भी छीनकर तोड़ दिया। निगम अधिकारियों ने ऊण निवासी आरोपी के खिलाफ बाढड़ा थाने में शिकायत दी है। पुलिस ने इस संबंध में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार बिजली विभाग राज्य मुख्यालय रेवाड़ी विजिलेंस की टीम उपमंडल कार्यालय झोझू कलां के जेई रामनिवास की अगुवाई में गांव ऊण में छापामारी करने पहुंची थी। टीम में एलएम राकेश, मंजीत व प्रदीप सहित ईएएसआई सुरेंद्र और ईएचसी रोहताश शामिल थे। टीम जब एक घर के सामने पहुंची तो दरवाजा बंद मिला। इसके बाद पड़ोस के घर से निकले एक व्यक्ति ने मकान का गेट खोला और इसके बाद टीम अंदर पहुंची। इस दौरान घर पर बिजली उपकरण बिजली चोरी से चलते मिले। इस पर टीम ने बिजली चोरी करने के लिए लगाई गई केबल की फोटो मोबाइल में कैद करनी शुरू कर दी। मकान मालिक ने आकर पहले तो उनसे बिजली चोरी मामले को रफा-दफा करने की बात कही लेकिन टीम ने समझौते से मना कर दिया। टीम ने मकान मालिक को बिजली चोरी का जुर्माना भरने व भविष्य में बिजली चोरी न करने का सुझाव दिया। इसके बाद मकान मालिक तैश में आ गया और लाइनमैन प्रदीप ने वीडियो बनानी शुरू कर दी। निगम अधिकारियों का आरोप है कि उक्त शख्स ने लाइनमैन प्रदीप से मोबाइल छीन लिया और उसे जमीन पर मारकर तोड़ डाला। टीम ने जब तक उसे पकड़ना चाहा तो वह महिलाओं की आड़ लेकर भागने में कामयाब हो गया। इसके बाद निगम टीम ने मामले की सूचना उच्चाधिकारियों को दी। बाढड़ा थाना पुलिस ने शिकायत कर आरोपी ग्रामीण के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घिकाड़ा गांव में भी हुआ था टीम पर हमला
बिजली चोरी पकड़ने पर निगम टीम के साथ हाथापाई तक के मामले सामने आ रहे हैं। ऊण गांव से पहले घिकाड़ा गांव में भी ऐसा ही मामला सामने आया था। वहां निगम कर्मचारियों से मारपीट कर सभी के मोबाइल छीने गए थे। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों पर केस दर्ज किया था और कर्मचारियों यूनियनों ने उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना भी दिया था।