किसी विद्वान ने कहा है कि अगर जिंदगी में जज्बा नहीं हो तो मनुष्य किसी मंजिल को नहीं पा सकता है। हां अगर मनुष्य के मन में जीवन में कुछ करने का जज्बा होता है तो वह जिंदगी की हर कठिनाई को पार करके अपनी मंजिल हासिल कर लेता है। ऐसे ही जज्बे की मिसाल लिए जिले के गांव बिसाहन के लाड़ले अमित सुहाग ने कायम किया है। देश की सेवा करने के जज्बे से जिंदगी में आगे बढ़ा गांव बिसाहन का लाडला अमित सुहाग आर्मी में लेफ्टिनेंट में शनिवार को कमीशन प्राप्त किया। सोमवार को गांव की पंचायत व ग्रामीणों ने अमित सुहाग का सम्मान समारोह कार्यक्रम किया गया।
अमित सुहाग की माता मुकेश देवी ने पास आउट परेड के बाद उसके कंधे पर लगे सितारों को हाथ से सहलाया था अपने लाडले को शाबाशी दी थी। आज गांव का लाडला लैफ्टिनेंट बना है। तो पूरे गंाव के लिए खुशी सम्मान की बात हैं। भारतीय सेना के चीफ दलबीर सुहाग से प्रेरणा लेकर उन्हीं के पैतृक गांव का युवक अमित सुहाग सेना में लेफ्टिनैंट बना है। सुहाग का पैतृक गांव झज्जर जिले का बिसहान है जहां लगभग हर घर का कोई न कोई सदस्य सेना में शुमार है। अब गांव के ही युवक अमित सुहाग के लेफ्टिनेंट बनने पर पूरे गांव में खुशी का माहौल है। शनिवार को देहरादून में हुई पासिंग आऊट परेड मे लेफ्टिनेंट का पद ग्रहण करने के बाद अमित सुहाग बिसहान पहुंचे, जहां ग्रामीणों ने उनके सम्मान में पलकें बिछाकर उनका स्वागत किया। ग्रामीणों के चेहरे पर झलकती खुशी गांव में किसी त्यौहार जैसा माहौल बनाती नजर आई।
उनके सम्मान समारोह में शिरकत कर रहे उनके एक परिजन ने बताया कि अमित सुहाग के पिता स्वर्गीय परमजीत सुहाग भी सेना में ही हवलदार के पद पर तैनात थे।
वहीं अमित के दादा अत्तर सिंह गांव के बड़े नंबरदार हैं। बिसहान में ही पैदा हुए लेफ्टिनेंट अमित के पिता परमजीत उनके बचपन में ही सदा के लिए उनसे विदा हो गए थे। उनकी मां मुकेशदेवी ने ही उनका लालन पोषण करते हुए उन्हें दुजाना स्थित ब्रिगेडियर रणसिंह स्कूल में शिक्षा दिलवाई। अब अमित के सेना में उच्च स्थान पर पदस्थ होने पर उनके शिक्षक रहे कमांडर शर्मा व वाईस प्रिंसिपल राज अहलावत ने उन्हें बधाई देते हुए इसे स्कूल का गौरव बताया है। अमित सुहाग ने दसवीं की परीक्षा ब्रिगेडियर स्कूल दुजाना में वर्ष 2010 में की जिसमें 90 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। 12वीं कक्षा की पढ़ाई भी न्यू लाइट झज्जर में वर्ष 2012 में की जिसमें 94 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। अमित सुहाग ने बचपन में ही आर्मी में भर्ती होने की ठान ली थी और एक दिन दादा व पिता के सपने को पूरा कर दिया।
दादा और पिता के सपने ने बनाया लेफ्टिनेंट
नवनियुक्त लेफ्टिनेंट अमित सुहाग ने अमर उजाला से खास बातचीत में बताया कि दादा अत्तर सिंह गांव के बड़े नंबरदार हैं और पिता स्वर्गीय परमजीत सुहाग भी सेना में ही हवलदार के पद पर तैनात थे और अमित सुहाग ने बचपन में मन बना लिया था देश की सेवा करनी है। लेकिन दादा मुख्यतार का सपना था कि उसका पोता आर्मी में भर्ती होकर देश की सेवा करेगा और इस सपने का कठिन परिश्रम से साकार किया। अमित सुहाग ने बताया कि इस सफलता में परिवार का बहुत सहयोग रहा।
‘जब बेटा ले रहा था शपथ तो दिखा धरती पर ही स्वर्ग’
अमित सुहाग की मां मुकेश देवी ने कहा कि उन्हें बहुत खुशी है उनका बेटा इंडियन आर्मी में लेफ्टिनेंट बना है। जब अमित लेफ्टिनेंट की शपथ ले रहा तो लगा कि स्वर्ग धरती पर ही है। उन्होंने कहा कि बेटे देश की शक्ति स्वरूप है। सभी को अपने बेटों के साथ देश के लिए कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ना ही होगा। सोमवार को हुए लेफ्टिनेंट अमित सुहाग के सम्मान समारोह में उनके गांव के ही राजपाल सुहाग, कैप्टन रिसाल सिंह, कैप्टन जगपाल सिंह, डॉ. अजय धनखड़, रिंकु सुहाग, देवेंद्र सुहाग, इंस्पेक्टर राज सिंह सुहाग, डॉक्टर कुलदीप सिंह, प्रदीप, ऋषिपाल सुहाग, सज्जन पाल सुहाग, प्रदीप, धर्मबीर, संजय अहलावत, सुखबीर सुहाग, अमित सुहाग, अजाद, फूलकुंवार और ग्रामीण मौजूद रहे।