झज्जर। एनजीटी के आदेश पर गठित विशेष पर्यावरण निगरानी टास्क फोर्स की टीम ने दुलीना में दो चमड़ा फैक्टरियों को सील किया है। इन फैक्टरियों से अपशिष्ट पानी ड्रेन नंबर आठ में डाला जा रहा था। शिकायत के आधार पर इन दोनों फैक्टरियों के अपशिष्ट जल को ट्रीटमेंट प्लांट से निकलने के बाद सैंपल भरे गए। जिसमें बीओडी व सीओडी की मात्रा ज्यादा मिली। जोकि हानिकारक स्तर की थी।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एईई अमित ने बताया कि अरोड़ा इंटरनेशनल लिमिटेड और मेसर्स जी एंड जी इंडस्ट्रीज के दो बार सैंपल लिए गए थे। दोनों बार सैंपल फेल मिले। जिसके बाद सोमवार को टीम की ओर से दोनों फैक्टरियों को सील कर दिया गया। स्पेशल एन्वायरमेंट सर्विलांस टास्क फोर्स की टीम में अजेंद्र सुहाग एक्सईएन सिंचाई विभाग, ईश्वर जाखड़ कृषि विभाग, अमित एईई प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और कुलदीप पुलिस विभाग मौजूद रहे।
जिला प्रशासन को शिकायत मिलने के बाद नवंबर व जनवरी माह में दोनों इकाइयों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान पाया गया कि टैंकरों के माध्यम से ड्रेन नंबर 8 में अवैध रूप से अनुपचारित अपशिष्ट जल डाला जा रहा है जिससे बहुत अधिक जल प्रदूषण हो रहा है। प्रदूषण नियंत्रण के लिए एनजीटी की ओर से पावर डेलिगेट के अंतर्गत उपायुक्त शक्ति सिंह की अध्यक्षता में विशेष पर्यावरण निगरानी टास्क फोर्स गठित की गई है।ो