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टीकरी बॉर्डर पर दो किसान आंदोलनकारियों की मौत

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टीकरी बॉर्डर पर ट्राली में जगबीर सिंह के शव के पास मौजूद परिजन और किसान। संवाद - फोटो : Bahadurgarh
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बहादुरगढ़। आंदोलनकारी किसानों के टीकरी-बहादुरगढ़ पड़ाव में रविवार को दो किसान आंदोलनकारियों की मौत हो गई। मृतकों में एक जींद का 60 वर्षीय किसान और दूसरा पंजाब के जिला बठिंडा निवासी 18 वर्षीय युवक हैं। अब तक यहां 14 आंदोलनकारियों की जान जा चुकी है। इनमें 9 की मौत हृदयाघात या अन्य बीमारी से, तीन की अलग-अलग हादसे में और एक की अन्य कारण से हुई है। जबकि एक आंदोलनकारी वकील ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली।
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ईटल कलां जींद निवासी किसान जगबीर पुत्र हवा सिंह सेक्टर-9 मोड़ के निकट ट्रैक्टर-ट्रॉली में अपने साथियों के साथ ठहरे हुए थे। वे दिन में टीकरी बॉर्डर पर किसानों की मुख्य सभा में शामिल हुए थे। कुछ समय दूसरे किसानों को जागरूक करने में भी लगाते। शनिवार की रात वह अन्य दिनों की तरह आराम से सोए। सुबह देर तक नहीं उठे तो साथियों ने आवाज लगाई। रेस्पांस नहीं मिला तो साथियों से जगाने के लिए हिलाया। हालत गंभीर लगी तो साथी उनको बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल ले गए। यहां पहुंचने पर जांच करके डाक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जिला के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. संजय दहिया के अनुसार, यह 60 वर्षीय किसान जब अस्पताल लाए गए तो मृत अवस्था में थे। सूचना मिलने पर जगबीर के पुत्र संदीप, परिजन नरेश साधुराम व अन्य ग्रामीण पहुंच गए। पुलिस अधीक्षक राजेश दुग्गल के अनुसार, पुलिस ने शिनाख्त की प्रक्रिया पूरी होने पर नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंप दिया।
सेक्टर-9 के साथ बाइपास पर ठहरे पंजाब के जिला बठिंडा के गांव चौके के निवासी युवा आंदोलनकारी जशनप्रीत सिंह की भी अचानक स्वास्थ्य खराब होने से मौत हो गई। करीब 18 वर्षीय जशनप्रीत सिंह को रविवार सुबह इलाज के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डाक्टर ने पीजीआई रोहतक भेज दिया। एसपी राजेश दुग्गल ने बताया कि युवक की पीजीआई में मौत हो गई। पुलिस ने सीआरपीसी के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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किसानों के टीकरी बार्डर-बहादुरगढ़ पड़ाव में रविवार तक 14 आंदोलनकारियों की मौत हो चुकी है। इनमें से 9 की मौत हार्ट अटैक जैसे कारणों की वजह से, दो की सड़ हादसों में, एक की रात को सोते वक्त कार में आग लगने से और एक नवयुवक आंदोलनकारी की अन्य कारण से हुई। जबकि एक किसान आंदोलकारी वकील ने जहर खाकर खुदकुशी कर ली थी।
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टीकरी बॉर्डर-बहादुरगढ़ में जा चुकी 13 आंदोलनकारी किसानों की जान (इनमें एक की यहां से जाने के बाद हुई मौत)
1. 28 नवंबर को बहादुरगढ़ बाईपास पर पंजाब के जिला बरनाला के गांव धनवाला मंडी निवासी ट्रैक्टर मैकेनिक जनकराज की जान गई। (कार में आग लगने से जले)
2. 29 नवंबर की रात पंजाब के जिला लुधियाना के गांव खटरा भगवानपुरा के किसान गज्जन सिंह की अचानक मौत। (हार्ट से हुई मौत)
3. 1 दिसंबर की रात पंजाब के मानसा जिला के बचुआना गांव निवासी गुरजंट सिंह की जान गई। (रात को हुआ अचानक पेट व छाती में दर्द)
4. 3 दिसंबर को तलवंडी जिला भटिंडा के निवासी लखबीर सिंह की जान गई। (हृदयाघात का अनुमान)
5. 8 दिसंबर पंजाब के जिला मोगा के निहाल सिंह वाला क्षेत्र के किसान मेवा सिंह की जान गई। (सड़क हादसे में मौत)
6. 10 दिसंबर को पंजाब के जिला संगरूर के कस्बा धुरी के निवासी किसान कृष्ण लाल की जान गई (हार्ट से मौत)
7. 17 दिसंबर को पंजाब के जिला भटिंडा के गांव टुंगावाली के किसान जय सिंह की जान गई। (हृदयाघात से मौत))
8. 6 दिसंबर को टीकरी बार्डर पर बीमार हुए हरियाणा के जींद के किसान देवेंद्र सिंह की पीजीआई रोहतक में मौत।
9. 26 दिसंबर को पंजाब के जिला गुरदासपुर के निवासी अमरीक सिंह का हार्ट अटैक से निधन।
10. 27 दिसंबर को पंजाब के जिला फाजिल्का की जलालाबाद बार एसोसिएशन के सदस्य वकील अमरजीत सिंह ने जहर खाकर की आत्महत्या
11. 30 दिसंबर को पंजाब के मानसा जिले के गांव बाघड़ा के रहने वाले जगशेर की सड़क हादसे में मौत
12. 31 दिसंबर को कैथल जिले के गांव भाणा के किसान राम कुमार की दिमाग की नस फटने से मौत हो गई।
13. 3 जनवरी 2020 को जींद जिले के गांव ईटल कलां के जगबीर की मौत। (हृदयाघात का अनुमान।)
14. 3 जनवरी को पंजाब के भटिंडा जिले के गांव चौके के युवक जशनप्रीत की मौत हो गई। (अचानक अस्वस्थ होने से)
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