झज्जर। जिले में 0 से 5 साल तक के बच्चों को 3 से 5 मार्च तक पोलियो रोधी दवा की दो बूंद पिलाई जाएगी। तीन दिन पोलियो मुक्त दिवस के रूप में मनाया जाएगा। सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर देश ने 27 मार्च 2014 को इस बीमारी को खत्म कर दिया है, परन्तु अभी भी सभी देशों से पोलियो के केस खत्म नहीं हुए हैं।
सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप ने बताया कि पोलियो मुक्त होने के 32 साल बाद इस्राइल में वर्ष 2022 में एक नया केस मिला था। मोजाम्बिक में वर्ष 2022 में 8 केस मिले हैं। पड़ोसी देश पाकिस्तान व अफगानिस्तान में अब भी केस मिल रहे हैं। ऐसी स्थिति में अपने देश में भी खतरा बना हुआ है। पोलियो जैसी भयंकर बीमारी का शिकार व्यक्ति न केवल अपने आप को असहाय महसूस करता है, बल्कि सामान्य जीवन व्यतीत करने से भी वंचित रहता है। दवा पिलाना ही इस बीमारी से बचाव का बेहतर विकल्प है। भावी पीढ़ी को पोलियोमुक्त रखने के लिए राष्ट्रव्यापी पल्स पोलियो अभियान के तहत 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को एक साथ पोलियोरोधी दवा पिलाई जाएगी। जिला में कोई भी बच्चा पोलियो ड्राप्स से वंचित न रहे, इसके लिए शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाए। इसके लिए तीन मार्च को बूथ लेवल पर तथा चार व पांच मार्च को घर-घर जाकर विभाग के कर्मियों द्वारा पात्र बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई जाएगी। पल्स पोलियो अभियान की जिला नोडल अधिकारी डॉ. निशा डाबर ने बताया कि इस अभियान में 123571 बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लक्ष्य प्राप्ति के लिए जिले में 617 बूथ बनाए गए हैं व 139 मोबाइल टीमें व 21 ट्रांजिट टीमों का गठन किया गया है। 3 मार्च रविवार को 617 बूथों पर बच्चों को पोलियाे रोधी की दवा पिलाई जाएगी। 4 व 5 मार्च को घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई जाएगी। सभी 139 मोबाइल टीमों द्वारा 3 से 5 मार्च तक प्रत्येक ईंट-भट्टों, निर्माणाधीन भवनों व दूर-दराज पर मिलने वाले सभी 5 वर्ष तक की आयु के बच्चों को दवा पिलाई जाएगी। ट्रांजिट टीमें बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, अथवा भीड़ वाली जगहों पर बच्चों को दवा पिलाएगी।