-फोटो 69 : हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कार्यालय पर स्वास्थ्य संस्थानों के संचालकों
बहादुरगढ़। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) ने क्षेत्र के अस्पताल, नर्सिंग होम, पैथ लैब और क्लीनिक समेत अन्य स्वास्थ्य सेवाओं से संबद्ध संस्थानों को पोर्टल पर संशोधन कराने के लिए दो दिन का समय दिया है। ये ऑरेंज और रेड श्रेणी में आते हैं।
संस्थानों का बोर्ड से पंजीकरण होने के बाद पोर्टल पर संबंधित जानकारी अपडेट की गई थी, जिनमें श्रेणी के अलावा काफी त्रुटियां हैं। इन्हें दुरुस्त करवाना होगा। किसी संस्थान के नाम व अन्य विशेषज्ञ श्रेणी में कोई संशोधन है तो उसे भी बोर्ड की ओर से दुरुस्त करवाया जा रहा है। यह निर्देश संस्थान संचालकों को देने के लिए मंगलवार को बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी कार्यालय में एक बैठक हुई। इसमें कई संस्थानों के संचालकों ने भाग लिया।
बोर्ड के सहायक पर्यावरण अभियंता सुधीर बल्हारा ने बताया कि लैब, अस्पताल, क्लीनिक, नर्सिंग होम आदि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े संस्थानों को एचएसपीसीबी से अथोराइजेशन यानि एनओसी लेनी पड़ती है। पहले इन संस्थानों ने जो पोर्टल पर परमिशन ले रखी है, उसमें अधिकांश ने अपना नेचर आफ वर्क गलत कर दिया था, जिसकी वजह से अधिकांश संस्थानों की श्रेणी गलत आ रही है।
उन्होंने बताया कि प्रतिदिन 100 किलोलीटर से ज्यादा वेस्ट जनरेट करने वाले संस्थान रेड श्रेणी में आते हैं और इससे कम वाले आरेंज श्रेणी में। इसके अलावा भी पोर्टल पर कई तरह की गलतियां सामने आई थी। ऐसे में बोर्ड ने इन संस्थानों को अपनी जानकारी पोर्टल पर संशोधन कराने के लिए दो दिन का समय दिया है। सुधीर बल्हारा ने बताया कि अगर किसी भी संस्थान को अपनी जानकारी संशोधित करते समय कोई परेशानी आती है तो वह मेरे मोबाइल नंबर 8790457137 पर संपर्क कर सकता है। इन संस्थानों ने बोर्ड के पोर्टल डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डाट एचआरओसीएमएएमएस डाट एनआसी डाट इन से परमिशन ले रखी है। ऐसे में पोर्टल पर लाॅगिन आइडी और पासवर्ड भी किसी का गुम हो गया है तो वे बोर्ड कार्यालय में पत्र लिखकर लॉगिन आइडी व पासवर्ड भी प्राप्त कर सकता है। बल्हारा ने बताया कि बहादुरगढ़ क्षेत्र में 182 स्वास्थ्य संस्थान हैं, जिनमें सरकारी व प्राइवेट शामिल हैं। इनमें से 50 संस्थानों ने अपनी पोर्टल पर संशोधन करवा लिया है। बैठक में डा. संतोष कुमार, डा. अनिल कुमार, डा. गिरीश खुराना, डा. विजय कुमार अरोड़ा, डा. प्रेम पुन्हानी, डा. आरजी राठी, डा. गुलशन कुमार मौजूद रहे।