आंदोलनकारी किसानों के टीकरी बॉर्डर धरनास्थल के निकट दिल्ली की सीमा में दुकान चलाने वाले एक युवक और कुछ युवा किसानों के बीच वीरवार देर रात झगड़ा हो गया। झगड़े में दुकानदार को चोट आई तो उसने पिटाई करने वाले आंदोलनकारियों के टेंट में आग लगाने की कोशिश की। जिस पर उसे आंदोलनकारियों ने पकड़ लिया। बाद में कुछ किसान नेताओं ने विचार विमर्श कर दुकानदार को सामाजिक दंड सुनाया।
वीरवार की रात टीकरी बॉर्डर पर अपनी दुकान बंद करके घर लौट रहे एक युवक का दो आंदोलनकारी किसानों ने रास्ता रोक लिया और बिना किसी वजह के उसके साथ मारपीट करनी शुरू कर दी। जब उसने इसका विरोध किया तो उक्त दोनों युवा किसानों ने उसके सिर में डंडा मार दिया, इससे उसे चोट आई है। उसने आक्रोश में आकर उक्त दोनों किसानों के टेंट में आग लगाने की कोशिश की, लेकिन मौके पर उसे पकड़ लिया गया। इसके बाद काफी संख्या में दुकानदार व किसान वहां पर इकट्ठा हो गए। पकड़े गए युवक को किसानों ने काफी देर बाद छोड़ा। शुक्रवार की सुबह टीकरी बॉर्डर पड़ाव में इस मामले को लेकर किसान नेताओं की एक बैठक हुई। इसमें उल्टा चोर कोतवाल को डांटे वाली कहावत चरितार्थ हुई। बैठक में किसान नेताओं ने मारपीट करने वाले दो आंदोलनकारी किसानों को किसी तरह की सजा नहीं सुनाई, बल्कि पीड़ित युवक को ही एक सप्ताह तक किसानों को टैंकर के माध्यम से पानी पहुंचाने के लिए दंडित कर दिया। बताया गया है कि दुकानदार नई बस्ती का रहने वाला राकेश पुत्र नफे सिंह है। मामला दिल्ली की सीमा में हुआ है। इसलिए हरियाणा पुलिस की तरफ से इस मामले में किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गई।
शुक्रवार को करीब डेढ़ घंटे तक किसानों की इस मामले को लेकर बैठक हुई। जिसमें जोगेंदर नैन प्रदेशाध्यक्ष बीकेयू हरियाणा, जियालाल प्रवक्ता बीकेयू हरियाणा, कुलदीप जींद, प्रदीप धनखड़ अध्यक्ष एमएसपी संघर्ष समिति, विकल पिचार अध्यक्ष अखिल भारतीय स्वामीनाथन संघर्ष समिति, विकास मान मुंडका, सांगवान खाप व धनाना 12 खाप से भी कई किसान नेता मौजूद रहे। पंचायत में दोनों पक्षों ने अपना-अपना पक्ष रखा। किसान नेता जोगेंदर नैन ने बताया कि राकेश ने पंचायत के समक्ष माफी मांगी और एक सप्ताह तक किसानों को टैंकर के जरिये पानी पहुंचाने की बात कही है।