शहर के सामान्य अस्पताल में आखिरकार डायलिसिस यूनिट की स्थापना का कार्य शुरू हो गया है। दो साल पहले इस यूनिट के लिए स्वास्थ्य विभाग व निजी कंपनी के बीच एमओयू साइन हुआ था। उसके बाद 31 दिसंबर 2017 को झज्जर में डायलिसिस यूनिट शुरू की जानी थी लेकिन कंपनी की तरफ से अस्पताल में यूनिट की स्थापना के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस बेड तो भेज दिए गए थे लेकिन उसके बाद इसकी सुध नहीं ली गई। फिलहाल एक बार फिर से कंपनी की तरफ से डायलिसिस यूनिट की स्थापना का कार्य शुरू कर दिया गया है। विभाग को करीब 10 दिन में यूनिट शुरू करने के लिए कहा गया है। रोहतक पीजीआई की तर्ज पर लोगों को झज्जर में ही डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध होगी। हालांकि इससे पहले बहादुरगढ़ के अस्पताल में डायलिसिस यूनिट चालू की जा चुकी है। पत्र व्यवहार करने के बाद भी कंपनी ने डायलिसिस यूनिट स्थापना करने को तवज्जो नहीं दी तो सरकार ने संबंधित कंपनी से जवाब मांगा था। अब कंपनी ने डायलिसिस यूनिट की करीब 10 दिन में स्थापना करने की बात कही है। बुधवार को दो ट्रक डायलिसिस यूनिट का सामान लेकर झज्जर पहुंचे हैं।
विभाग ने कर दिया था स्थान और बिजली-पानी का प्रबंध: डायलिसिस यूनिट के लिए स्थान, बिजली व पानी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की थी। विभाग की तरफ से परिवार नियोजन के ऑपरेशन वार्ड खाली करवाकर स्थान उपलब्ध करा दिया गया था और बिजली व पानी की व्यवस्था भी इसके लिए की गई। उसके बावजूद कंपनी की तरफ से लंबे समय तक यूनिट की स्थापना को लेकर रुचि नहीं दिखाने की वजह से इस वार्ड पर ताला लगा कर छोड़ा गया था।
वार्ड में रहेगी 15 बेड की सुविधा: सामान्य अस्पताल में डायलिसिस यूनिट के लिए 15 बेड की सुविधा शुरूआत में दी जा रही है। जिन लोगों को पूर्व में रोहतक, दिल्ली और गुरुग्राम के अस्तपालों में समय लेना पड़ता था, अब उन्हें शहर में यह सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। हालांकि अभी तय नहीं किया गया है कि डायलिसिस के लिए कितना चार्ज वसूला जाएगा लेकिन बताया जा रहा है कि निजी अस्पतालों के मुुकाबले यहां रेट काफी कम रखे जाएंगे। दूसरे शहरों में जाने से लोगों का इलाज काफी महंगा पड़ता था। वहीं आने-जाने में भी मरीजों को काफी तकलीफ उठानी पड़ती थी।
डायलिसिस यूनिट का पूरा सामान मिल चुका है। कंपनी अगले दस दिन में यूनिट तैयार करके देने का दावा कर रही है। पूरी उम्मीद है कि 15 अगस्त तक झज्जर के सामान्य अस्पताल में ही डायलिसिस की सुविधा शुरू हो जाएगी।
डा. आरएस पूनिया, सीएमओ, झज्जर।