फोटो 52 : फोटो 68 : हमें न कानून की, न जान की परवाह! बहादुरगढ़ में रेलवे रोड पर एक मोटरसाइकिल पर
बहादुरगढ़। मोटरसाइकिल एक और सवारियां एक, दो, तीन नहीं बल्कि चार से पांच तक। दो सवारियों की बाइक पर चार से पांच सवारियां चल रहीं हैं, वह भी बिना हेलमेट के। इतना ही नहीं कान पर फोन लगाकर हाय हेलो भी खूब हो रही है। इससे जान का खतरा बढ़ रहा है। कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं और जान भी जा चुकी है, लेकिन लोग हैं कि मानने को तैयार ही नहीं हैं। ऐसा नजारा शहर में आम है। न तो लोग अपनी जान परवाह कर रहे हैं और न ही परिवार की। साथ ही दूसरों की जान भी जोखिम में डाल रहे हैं।
बहादुरगढ़ शहर में यातायात नियमों की भी लोग परवाह नहीं कर रहे है। पुलिस द्वारा लगातार जागरूक करने के बावजूद शहर की सड़कों पर बिना हेलमेट के ही नहीं, बल्कि तीन से चार सवारी बाइक सवार दौड़ रहे हैं। ऐसा नहीं है कि यातायात पुलिस कार्रवाई न कर रही हो। यातायात पुलिस के साथ-साथ संबंधित थानों की पुलिस की ओर से रोजाना 50 से अधिक बिना हेलमेट एवं दुपहिया वाहन पर दो से अधिक सवारी लेकर चलने पर चालान किया जा रहा है, लेकिन नियमों के उल्लंघन करने को बहादुरगढ़वासी अपनी शान मानते हैं। जिसका खामियाजा कई बार दुर्घटना के रूप में भुगतना पड़ रहा है। शहर की सड़कों पर नाबालिग भी दुपहिया दौड़ाते आसानी से देखे जा सकते हंै। स्कूलों और कॉलेजों के बाहर छुट्टी के समय विद्यार्थी भी दुपहिया पर ट्रिपल राइडिंग करते नजर आते हैं। शहर में यह हालत तब है जब पुलिस की ओर से लगातार कार्रवाई की जाती है और अभियान चलाए जाते हैं। आमजन यातायात नियमों और अपनी जान के प्रति बेफिक्र है।
बहादुरगढ़ शहर में अलग-अलग स्थानों पर ट्रैफिक पुलिस की ओर से वाहनों की चेकिंग के लिए नाके लगाए गए हैं। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के चालान किए जा रहे हैं। साथ ही लोगों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया जा रहा है।-विकास कुमार, एसएचओ, ट्रैफिक बहादुरगढ़।