फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jhajjar-Bahadurgarh News: आज गांवों में जागरूक करेंगी टीम, बच्चों को लगाई जाएंगी वैक्सीन

विज्ञापन
11jjrp09- सिविल अस्पताल में बच्चों की जांच करवाने के लिए अपनी का इंतजार करते परिजन। संवाद
विज्ञापन
झज्जर। विश्व निमोनिया दिवस पर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से निमोनिया के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए बुधवार को विशेष अभियान के तहत गांवों में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसमें लोगों की काउंसिलिंग की जाएगी और बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा।
विज्ञापन

सिविल सर्जन डॉ. जयमाला सभी स्वास्थ्य संस्थाओं के इंचार्ज को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। सभी गांवों में एएनएम, आशा वर्करों की टीमें लोगों को जागरूक करेंगी और वैक्सीन लगवाने का काम भी करेंगी। जिले में 250 एएनएम हैं, जिनकी ड्यूटी लगाई गई है।
चिकित्सकों के अनुसार निमोनिया हल्के से लेकर गंभीर तक हो सकता है, जो उम्र, रोग प्रतिरोधक क्षमता और समग्र स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। हालांकि कई स्वस्थ वयस्क इलाज से ठीक हो जाते हैं। निमोनिया छोटे बच्चों, वृद्धों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों में यह बहुत गंभीर हो सकता है।
विज्ञापन


इन बातों का रखें ध्यान
- मां को खुराक अच्छी हो
- बच्चे का जन्म होने के बाद उसे स्तनपान कराया जाए।
- छह माह तक केवल स्तनपान करवाना चाहिए।
- 6 माह बाद अन्य अनाज दिए जाना चाहिए।
- जन्म से लेकर 16 साल तक सभी टीकाकरण करवाया जाए।
- निमोनिया के लक्षण दिखते ही चिकित्सक को दिखाएं।

वर्जन
बुधवार को विश्व निमोनिया दिवस पर सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर एएनएम, आशा वर्करों की तरफ से लोगों को जागरूक किया जाएगा। साथ ही बच्चों की वैक्सीनेशन भी की जाएगी। इसके लिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं। निमोनिया से बचाव जरूरी है। इसलिए लक्षण दिखने पर तुरंत ही चिकित्सक को दिखाना चाहिए। बच्चों के सभी टीकाकरण समय पर करवाने चाहिए।
- डॉ. बसंत दूबे, उप सिविल सर्जन, झज्जर

क्या है निमोनिया
निमोनिया एक संक्रमण है, जो फेफड़ों को प्रभावित करता है। यह वायुकोशों (एल्वियोली) में द्रव या मवाद भर देता है, जिससे फेफड़ों का सामान्य रूप से काम करना मुश्किल हो जाता है। इससे शरीर में प्रवेश करने वाली ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें