बहादुरगढ़। अश्विन मास की अमावस्या शनिवार को मनाई जाएगी। इसके साथ ही पितृ पक्ष का समापन होगा। काठमंडी स्थित शिव-हनुमान मंदिर के पुजारी पंडित सीताराम ने बताया कि पितृ मोक्ष अमावस्या पर ज्ञात-अज्ञात पितरों के निमित्त तर्पण, श्राद्ध और दान करने का विशेष महत्व है। इस दिन उन पितरों का भी श्राद्ध किया जाता है, जिनका श्राद्ध किसी कारणवश छूट गया हो।
उन्होंने बताया कि पितृ पक्ष में पितरों का स्मरण कर उन्हें तर्पण का जल अर्पित करना चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इससे पितरों की तृप्ति होती है और वे वंशजों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। इस दिन पिता और नाना की तीन पीढ़ियों के पूर्वजों का स्मरण कर तर्पण किया जाता है। पितरों की विदाई के साथ पितृ पक्ष संपन्न होता है।