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Jhajjar-Bahadurgarh News: महिलाओं को स्तन और गर्भाशय कैंसर का मर्ज दे रहा तंबाकू

Sat, 31 May 2025 01:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
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बादली (बहादुरगढ़)। तंबाकू पुरुषों को ही नहीं, महिलाओं को भी कैंसर का मर्ज दे रहा है। तंबाकू के सेवन से हर साल बड़ी संख्या में महिलाएं स्तन और गर्भाशय-ग्रीवा कैंसर का शिकार बन रही हैं।
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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान की एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल में 3 लाख से ज्यादा कैंसर रोगियों का संबंध तंबाकू से होता है, जो कि बड़ी चिंता का विषय है। बाढ़सा स्थित कैंसर संस्थान में पुरुषों में मुंह का कैंसर संबंधी रोगियों की संख्या बढ़ रही है।
डॉक्टरों की मानें तो तंबाकू से फेफड़ों का कैंसर शुरू होता है। महिलाओं में यह स्तन कैंसर और गर्भाशय-ग्रीवा कैंसर बन जाता है। यही नहीं, तंबाकू सेवन से हृदय रोग, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज और ओरल कैंसर सबसे आम हो गए हैं।
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बाढ़सा में हर दिन हो रहे 70 नए मरीजों के पंजीकरण
बाढ़सा संस्थान में प्रतिदिन कैंसर रोगियों की ओपीडी 550 से अधिक रहती है। रोजाना 70 नए रोगियों का पंजीकरण हो रहा है। नए रोगियों में मुंह संबंधी रोगियों की संख्या ज्यादा होती है। कुछ समय पहले मुंह के कैंसर संबंधी रोगियों को अत्याधुनिक लीनियर एक्सेलेरेटर में एक सप्ताह करीब एक हजार विकिरण दिए गए।

तंबाकू से कैसे पनपता है कैंसर
भारत में मुंह के कैंसर के उच्च प्रसार का मुख्य कारण तंबाकू सेवन है। यह गुटखा, क्विड, सूंघने या अन्य किसी भी रूप में हो सकता है। धूम्रपान की आदत भी उतनी ही खतरनाक है। जब मर्ज बढ़ जाता है, तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। अधिकतर लोग तंबाकू युक्त गुटखा मुंह में या दांतों और गाल के बीच में दबाकर रखते हैं। यहीं पर कैंसर होता है।

स्थानीय समुदाय को जागरूक करने के लिए शिविर लगाए जा रहे हैं। कई गांवों में कैंसर फैलने के तंबाकू सहित विभिन्न पहलुओं पर काम किया गया है। समुदाय में उत्कृष्ट सहयोग के लिए सामाजिक लोगों को सम्मान भी दिया गया है।
डाॅक्टर नवीन, एनसीआई बाढ़सा।


बाढ़सा में स्थापित कैंसर संस्थान देश में रोगियों का इलाज करने में कारगर साबित हो रहा है। इलाज ही नहीं बल्कि नए अनुसंधान से नई तकनीक की जाती है। आने वाले समय में संस्थान में नई व आधुनिक तकनीकियों पर काम किया जाएगा। थिएटर में प्रतिदिन 20 ऐसे रोगियों का ऑपरेशन और एंडोस्कोपी किया जाता है जो कि मुंह के कैंसर से पीड़ित होते हैं।
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डाॅक्टर आलोक ठाकर, एनसीआई प्रमुख बाढ़सा।
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