-फोटो 51 : ड्रेन का निरीक्षण करते प्रदूषण बोर्ड, सिंचाई विभाग और एचएसवीपी के अधिकारी। स्रोत विभ
बहादुरगढ़। दिल्ली में यमुना के पानी को साफ रखने की मुहिम बहादुरगढ़ पहुंच गई है। प्रशासन ने यमुना एक्शन प्लान के तहत सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण और सिंचाई विभाग की टीमों ने संयुक्त रूप से शहर से गुजर रही मुंगेशपुर और वेस्ट जुआं ड्रेन का सर्वे किया।
टीम ने छोटूराम नगर से लेकर झाड़ौदा बॉर्डर तक ड्रेनों की स्थिति का जायजा लिया। 6 किलोमीटर क्षेत्र में किए गए सर्वे में टीम ने 28 स्थान ऐसे मिले, जहां से फैक्ट्रियों, घरों और नालों का दूषित पानी सीधे ड्रेन में डाला जा रहा था। टीम ने सभी प्वाइंट को नोट किया। अब पूरी रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
इन सभी स्थानों को सील या बंद करने की कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार का गंदा पानी बिना ट्रीटमेंट के ड्रेन में न पहुंचे। टीम में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एसडीओ अमित कटारिया, एचएसवीपी से एसडीओ कृष्ण मलिक और सिंचाई विभाग से एसडीओ नवीन कुमार शामिल रहे। यह सर्वे करीब ढाई घंटे तक चला।
जांच में पाया गया कि कई औद्योगिक इकाइयों के साथ-साथ घर और एमआईई क्षेत्र के नाले भी सीधे तौर पर ड्रेन में सीवर का पानी छोड़ रहे हैं। इससे ड्रेन का पानी पूरी तरह काला और केमिकल युक्त हो चुका है, जो आगे चलकर यमुना में पहुंचता है। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई यमुना एक्शन प्लान के तहत की जा रही है। अब कार्रवाई इन सभी प्वाइंट्स को बंद करना और केवल ट्रीटमेंट के बाद ही पानी को ड्रेनों में डालने की अनुमति देने की रहेगी।
बहादुरगढ़ में औद्योगिक इकाइयों और परिषद से भी समन्वय कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ड्रेन में जाने वाला हर बूंद पानी पहले साफ किया जाए ताकि राष्ट्रीय राजधानी में यमुना के प्रदूषण स्तर को कम किया जा सके।
-अमित कटारिया, एसडीओ, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बहादुरगढ़।