साल्हावास। अमर उजाला फाउंडेशन के तत्वावधान में स्वास्थ्य विभाग, इंडेप्थ विजन फाउंडेशन व सेवा ट्रस्ट यूके इंडिया के सहयोग से जमालपुर स्वास्थ्य केंद्र में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इसमें 76 लोगों ने रक्तदान किया। इनमें 8 महिलाएं भी शामिल थी। मुख्य अतिथि पंचायत समिति के चेयरमैन दीपक जाखड़ ने कहा कि रक्तदान महादान है, इसका कोई विकल्प नहीं है। यह वह दान है जो कोई भी स्वस्थ व्यक्ति हर तीन महीने बाद कर सकता है। इसमें किसी प्रकार का कोई खर्च नहीं आता है, बल्कि रक्तदान करने से शरीर स्वस्थ रहता है।
शिविर का शुभारंभ पंचायत समिति के चेयरमैन दीपक जाखड़ और डॉक्टर सुमन तंवर ने संयुक्त रूप से रिबन काटकर व मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। जाखड़ ने रक्तदाताओं को बैज लगाकर उनका हौसला बढ़ाया। पहली बार रक्तदान करने वाले युवाओं व महिलाओं की संख्या भी अच्छी रही। शिविर में महिलाओं ने भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। वहीं स्वास्थ्य कर्मचारियों ने भी रक्तदान कर सामाजिक दायित्व निभाया। मुख्य अतिथि ने सभी को प्रमाणपत्र वितरित किए और इसे निरंतर जारी रखने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में 76 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। जिला रेड क्रॉस सोसाइटी व सामान्य ब्लड बैंक झज्जर की टीम ने रक्त एकत्रित किया। रक्तदान शिविर में एएसएमओ डाॅ सुमन तंवर, डॉ सचिन, डॉ उपलक्ष्य, स्वास्थ्य विभाग की ओर से संदीप कुमार, अशोक कुमार, आनंद कुमार, इंडेप्थ विजन फाउंडेशन की तरफ से पूनम देसवाल, पैक्स चेयरमैन प्रेम धनखड़ सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
- रक्तदाताओं की प्रतिक्रियाएं
मैं नियमित रूप से रक्तदान करता हूं। अब तक बीस बार रक्तदान कर चुका हूं। रक्तदान करके आत्म संतुष्टि मिलती है।
- अजय कुमार।
पहले रक्तदान करने से बहुत डर लगता था, लेकिन फाउंडेशन के सदस्यों ने बताया कि इससे कोई कमजोरी नहीं आती, बल्कि स्वास्थ्य ठीक रहता है तो पहली बार रक्तदान किया है।
- नवनीत, खानपुर कलां।
अब तक वह पांच बार रक्तदान कर चुका हूं। इसे अपनी जिंदगी का हिस्सा बना लिया है। अब निरंतर रक्तदान करता रहूंगा।
- नरेंद्र, सासरौली।
उसने पहली बार रक्तदान किया है अब हर तीन महीने बाद वह रक्तदान करेगी। यह मानवता के कार्य निरंतर जारी रखेंगी।
- कविता।
पहली बार रक्तदान किया। वह काफी समय से इसके लिए सोच रही थी। इस बार जब उन्हें शिविर का पता चला तो वह रक्तदान करने पहुंच गई।
- कनिका।