झज्जर। सीमावर्ती जिलों में टिड्डी दल के प्रकोप को लेकर झज्जर प्रशासन ने भी शुक्रवार देर रात को अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई है। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार फिलहाल टिड्डी दल रेवाड़ी जिले में प्रवेश कर चुका है। टिड्डी दल रेवाड़ी के कोसली और जाटूसाना के आसपास बताया जा रहा है। झज्जर प्रशासन की तरफ से रेवाड़ी जिले के लोगों के सहयोग के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ जिले की सीमा झज्जर जिले से सटी हुई है। जिला प्रशासन की तरफ से टिड्डी दल को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। टिड्डी दल किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाता है। ज्वार, बाजरा आदि फसलों को पूरी तरह से नष्ट कर देता है। जबकि अन्य पेड़ पौधों को भी टिड्डी दल नुकसान पहुंचाता है।
अधिकारी मुस्तैदी से टिड्डी दल से बचाव के लिए सावधानी बरतें
जिले में टिड्डी दल से बचाव के लिए प्रशासनिक स्तर पर बचाव की तैयारी को लेकर डीसी जितेंद्र कुमार ने संबंधित अधिकारियों की देर रात बैठक कैंप कार्यालय में ली। बैठक में डीसी ने टिड्डी दल से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए आवाज करते हुए ड्रम बजाने के साथ ही फायर टेंडर व हाई मास्क लाइट का उपयोग करते हुए दूरी बनाए रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी मुस्तैदी से टिड्डी दल से बचाव के लिए सावधानी बरतने में सहयोगी बनें। उन्होंने कहा कि सुरक्षात्मक तरीके से कदम उठाए जाएं।
फतेहाबाद से मंगवाई दवा
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार टिड्डी दल पर नियंत्रण के लिए करीब 250 लीटर दवा रखी हुई है। जबकि फतेहाबाद से करीब 2 हजार लीटर दवाई तुरंत प्रभाव से मंगवाई गई है। प्रशासन की तरफ से कृषि विभाग सहित संबंधित विभागों को पूरी तरह से अलर्ट कर दिया गया है। रात के समय भी अधिकारियों की टीमों को फील्ड में उतारा जा रहा है। क्योंकि टिड्डी दल जिला की सीमा से अधिक दूरी पर नहीं है। इस अवसर पर एसडीएम बेरी डॉ राहुल नरवाल, एसडीएम झज्जर शिखा, डीएसपी रणबीर सिंह, सभी बीडीपीओ व तहसीलदार सहित फायर ऑफिसर नीतिश भारद्वाज व कृषि विभाग के अधिकारी आदि मौजूद रहे।
हरे भरे पौधों पर मिलती हैं टिड्डियां
टिड्डी दल आमतौर पर दिन के समय आसमान में उड़ता दिखाई देता है। जोकि पौधों में पेड़ों की पत्तियों को खाता है। इन टिड्डी दलों से फसलों को काफी नुकसान होता है। एक दल में लाखों की संख्या में टिड्डी उड़ती हैं और फैसलों के पौधों के पत्तों को पूरी तरह से चट् कर देती हैं।
दो से तीन गुच्छों में अंडे देती है टिड्डी
एक मादा टिड्डी दो से तीन गुच्छों में अंडे देती है। एक गुच्छे में कम से कम 60 से 80 अंडे तक होते हैं। अंडे देने की अवस्था में टिड्डी दल का झुंड एक जगह पर तीन से चार दिन तक रुकता है। इस स्थिति पर ध्यान रखते हुए किसानों को इस पर नियंत्रण करने के लिए कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करना चाहिए।
वर्जन
अभी तक झज्जर में टिड्डी दल का कोई प्रकोप सामने नहीं आया है। निकटवर्ती जिलों में टिड्डी दल पहुंच गया है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वह अपने खेतों का नियमित रूप से दौरा करें। कहीं भी टिड्डी दल दिखाई दे तो तुरंत प्रभाव से प्रशासन को सूचित करें।
- डॉ. इंद्र सिंह, उपनिदेशक, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, झज्जर।