बहादुरगढ़। तीन युवकों ने सोमवार की देर शाम चालक की पिटाई कर कार छीनने की कोशिश की। आसौदा के निकट युवकों ने गाड़ी खड़ीकर उसमें लगे जीपीएस को निकालने लगे। इसी बीच वहां एक स्विफ्ट कार आकर रुकी। इसे देखकर तीनों युवक भाग निकले। इससे पहले युवकों ने चालक से नकदी भी छीन ली थी। पीड़ित ने राहगीरों से मोबाइल लेकर कार मालिक को फोन किया। चालक कार लेकर रोहतक से दिल्ली जा रहा था। थाना आसौदा पुलिस ने युवकों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रोहतक जिले के गांव भाली आनंदपुर का रहने वाला जयपाल शाहबाद दौलतपुर दिल्ली के रहने वाले एक व्यक्ति की एर्टिगा गाड़ी को एक माह से रोहतक से पीरागढ़ी तक किराए पर चलाता है। सोमवार की देर शाम वह रोहतक में दिल्ली बाइपास पर यात्रियों की इंतजार में खड़ा था। इसी दौरान तीन युवक उसके पास पहुंचे। उन्होंने दिल्ली के कमला मार्केट तक गाड़ी को किराये पर लेकर चलने को कहा। इस पर तीन हजार रुपये किराये में उनका सौदा हो गया। जयपाल ने बताया कि जब वह तीनों युवकों को गाड़ी में बैठाकर दिल्ली के लिए चल पड़ा।
बीच रास्ते में रोहद टोल के पास एक युवक ने लघुशंका से निवृत्त होने के लिए गाड़ी को रोकने के लिए कहा। इसपर जयपाल ने गाड़ी रोक दी। लघुशंका से निवृत्त होने के बाद तीनों युवक उसकी तरफ आए और उसके गले में परना डालकर ड्राइवर सीट से खींच दूसरी सीट पर बैठा लिया और परने से मुंह व हाथ पैर बांध दिए। एक युवक खुद ड्राइविंग करने लगा। जब वे केएमपी से कुंडली की तरफ गाड़ी लेकर जाने लगे तो एक युवक दूसरे से फोन पर बात कर रहा था कि गाड़ी में जीपीएस लगा हुआ है। जब वे आसौदा टोल से करीब एक किलोमीटर आगे पहुंचे तो युवक ने गाड़ी रोक दी और उसके मुंह व हाथ पैर को खोल दिया। युवकों ने उससे पूछा कि जीपीएस कहां लगा है। जयपाल के अनुसार गाड़ी की ड्राइवर सीट पर बैठे युवक ने उसके साथी बलराम के मोबाइल पर फोन किया और गाड़ी के मालिक शक्ति सिंह को कांफ्रेंस में लेकर जीपीएस खोलने को कहा। इस बीच मानेसर की तरफ से एक स्विफ्ट गाड़ी उनकी एर्टिगा गाड़ी के पीछे आकर रुकी। गाड़ी को देखकर तीनों युवक खेतों की तरफ भाग गए। जयपाल ने एचपीसीएच प्लांट की तरफ भागकर जान अपनी बचाई और राहगीरों से मोबाइल फोन लेकर गाड़ी मालिक को फोन किया। आसौदा थाना प्रभारी जसबीर सिंह ने बताया है कि आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।