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Jhajjar-Bahadurgarh News: तीन धुन निकली एक साथ तो संगीतमय हुआ माहौल

Sat, 02 Mar 2024 01:30 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
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झज्जर। सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग, हरियाणा के तत्वाधान में एक शिक्षण संस्थान के परिसर में आयोजित संगीत संध्या में सुर व ताल का ऐसा संगम हुआ कि सभागार में लोग भारतीय शास्त्रीय संगीत की मधुर धुनों में सराबोर हो गए।
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कार्यक्रम का शुभारंभ जिला परिषद की सीईओ डाॅ. सुभिता ढाका ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। शास्त्रीय संगीत की धुनों को सुनकर लोगों को अलग ही आनंद का अनुभव हुआ और उन्होंने कहा कि यह संगीतमय शाम उन्हें ताउम्र याद रहेगी। कार्यक्रम में पहुंचने पर संस्कारम संस्थान के चेयरमैन डाॅ. महिपाल यादव द्वारा सीईओ जिला परिषद डाॅ. सुभिता ढाका व अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान विश्व प्रसिद्ध कलाकार पंडित सुभाष चंद्र घोष ने शास्त्रीय संगीत की एक के बाद एक शानदार प्रस्तुतियां दी। पंडित सुभाष चंद्र घोष ने शुरूआत में पायो-जी-मैंने-राम-रतन-धन-पाया गीत की धुन से कार्यक्रम का आगाज किया व इसके बाद कई भजनों की धुनों की प्रस्तुति पेश की। जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी सतीश कुमार ने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रम संस्कृति को बढ़ावा मिलता है।


नव स्वर रागनी विश्व का पहला वाद्य यंत्र

पंडित सुभाष घोष ने मंच से बताया कि उन्होंने सालों की मेहनत के बाद नव स्वर रागनी वाद्य यंत्र बनाया है, जो तीन धुनों को एक साथ निकालता है। इस वाद्य यंत्र को बनाने में करीब छह साल का समय लगा। वाद्य यंत्र एक लकड़ी पर बना हुआ है जिससे शास्त्रीय संगीत, गायकी अंग व पाश्चात्य संगीत की धुनें निकलती हैं। उन्होंने बताया कि यह यंत्र विश्व में एक है।
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जिला का नाम रोशन करने वाले कलाकार हुए सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान स्थानीय कलाकारों को सीईओ जिला परिषद डाॅ. सुभिता ढाका ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर जोगिंद्र कुंडू, दीपक कपूर, रामबीर आर्यन, महेंद्र कादयान, सत्ते रईया, मंजीत बदलिया सहित अन्य कलाकारों को सम्मानित किया गया।
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