संवाद न्यूज एजेंसी
बहादुरगढ़। शहर के बादली रोड पर स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर स्टेडियम की जमीन पर संचालित नंदीशाला को हटाने के लिए खेल विभाग ने गोधन सेवा समिति को तीन दिन का अंतिम समय दिया है। निर्धारित अवधि में जमीन खाली नहीं होने पर कार्रवाई करते हुए यहां से करीब 700 गोवंश को आसपास की गोशालाओं में भेजा जाएगा।
वीरवार को जिला प्रशासन और खेल विभाग की टीम नंदीशाला पहुंची। अधिकारियों ने समिति के पदाधिकारियों से बातचीत कर जमीन खाली कराने का प्रयास किया लेकिन काफी देर इंतजार के बावजूद समिति का कोई भी पदाधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इसके बाद प्रशासन ने अंतिम चेतावनी जारी कर दी।
दरअसल बहादुरगढ़ को स्ट्रे कैटल फ्री बनाने की योजना के तहत नगर परिषद ने खेल विभाग से यह जमीन गोधन सेवा समिति को उपलब्ध कराई थी। खेल विभाग ने 18 जनवरी 2023 से 31 मार्च 2023 तक अस्थायी तौर पर जमीन देने की अनुमति दी थी। इसके बाद कई बार नोटिस जारी कर जमीन खाली करने के निर्देश दिए गए लेकिन अब तक नंदीशाला को नहीं हटाया गया।
गौरतलब है कि गोधन सेवा समिति के अध्यक्ष रमेश राठी हैं, जो नगर परिषद चेयरपर्सन सरोज राठी के पति हैं। इसी कारण यह मामला लंबे समय से चर्चा का विषय बना हुआ है।
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कांग्रेस सरकार में बना स्टेडियम दुर्दशा का शिकार
रोहतक लोकसभा क्षेत्र के सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि बहादुरगढ़ में जिस डॉ. भीमराव आंबेडकर स्टेडियम का निर्माण कांग्रेस सरकार के समय हुड्डा की घोषणा के बाद शुरू किया गया था अब उसके एक हिस्से में जबरन गोशाला चलाई जा रही है। गोशाला के नाम पर स्टेडियम की 2000 गज जमीन पर सरेआम अवैध कब्जा किया गया और स्टेडियम की चहारदीवारी तोड़ी गई। दुखद है कि एक ओर हरियाणा में हुड्डा सरकार के समय निर्मित खेल स्टेडियम आज दुर्दशा के शिकार हैं तो दूसरी ओर हमारे नायब सैनी मुख्यमंत्री आजकल पंजाब में खेलों को बढ़ावा देने का ज्ञान दे रहे हैं।
स्टेडियम के विकास के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। योजना के तहत खिलाड़ियों के लिए आधुनिक एथलेटिक्स ट्रैक, विभिन्न खेलों के मैदान और अन्य खेल सुविधाएं विकसित की जानी हैं। नंदीशाला हटते ही परियोजना पर काम शुरू कर दिया जाएगा। स्टेडियम की जमीन खेल गतिविधियों के लिए आरक्षित है और खिलाड़ियों के हितों को देखते हुए इसका उपयोग खेल सुविधाओं के विस्तार में किया जाना जरूरी है।
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प्रशासन अब तीन दिन बाद स्थिति की समीक्षा करेगा। यदि समिति जमीन खाली नहीं करती है तो गोवंश को अन्य गोशालाओं में स्थानांतरित कर भूमि को विभाग के कब्जे में लिया जाएगा।-सत्येंद्र कुमार, जिला खेल अधिकारी