झज्जर। जिले में व्यस्क बीसीजी टीकाकरण अभियान की शुरुआत हो चुकी है। 11 जिलों में शुरू हुए इस अभियान में झज्जर जिला आगे है। स्वास्थ्य विभाग ने फैसला किया है कि बीसीजी वैक्सीनेशन में सराहनीय कार्य करने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों को विभाग की तरफ से सम्मानित किया जाएगा। शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने वाली ग्राम पंचायत को भी स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सम्मानित किया जाएगा।
प्रदेश के 11 जिलों में व्यस्कों को बीसीजी का टीका लगाया जाना है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त भारत बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। हरियाणा में व्यस्कों को टीबी से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रदेश के 11 जिलों में अभियान चलाया जा रहा है। पहले चरण में सोनीपत, अंबाला, भिवानी, हिसार, झज्जर, जींद, कैथल, नूंह, पंचकुला, रोहतक, व सिरसा में बीसीजी टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। सहमति देने वाले सभी 60 साल से अधिक आयु वाले, 18 से 60 साल तक के चुनिंदा सहमत लोगों को जिला में बीसीजी का टीका लगाया जाएगा। अब तक टीबी रोकने के लिए एक वर्ष तक के बच्चों को टीका लगता था। व्यस्क बीसीजी टीका 60 साल से अधिक आयु वाले, 18 से 60 वर्ष तक के व्यस्क जिनका बीएमआई 18 किलोग्राम प्रति स्क्वेयर मीटर या उससे कम है, डायबिटीज के मरीज, धूम्रपान करने वाले, पिछले 5 वर्षों के टीबी मरीजों व उनके संपर्क में आने वाले लोगों, पिछले 3 वर्षों के सक्रिय टीबी मरीजों व उनके संपर्क में आने वाले लोगों को लगाया जाएगा।
अब तक टीबी की रोकथाम के लिए बच्चों को बीसीजी का इंजेक्शन लगाया जाता था। बीसीजी का टीका 14 साल तक असरदार होता है। इसलिए अब उन सभी लोगों को यह टीका लगाया जाएगा, जिन्हें टीबी होने का खतरा है। सराहनीय कार्य करने वाले कर्मचारियों व शत-प्रतिशत टीकाकरण कराने वाली पंचायतों को स्वास्थ्य विभाग सम्मानित करेगा।
डॉ. ब्रह्मदीप सिंह, सिविल सर्जन, झज्जर